उदाकिशुनगंज के हरिहर साहा महाविद्यालय में NEP 2020 पर मंथन, छात्रों को समझाए गए करियर और शिक्षा के नए रास्ते

हरिहर साहा महाविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के छह वर्ष पूर्ण होने पर एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया. इस दौरान नीति के उद्देश्यों और प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा हुई, जिससे छात्रों को ज्ञान, कौशल और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे.

Madhepura News: मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज स्थित हरिहर साहा महाविद्यालय में शनिवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के छह वर्ष पूरे होने के अवसर पर संवादात्मक संगोष्ठी का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के निर्देशानुसार अखिल भारतीय शिक्षा समागम के अंतर्गत आयोजित हुआ, जिसमें शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने नई शिक्षा नीति के उद्देश्य, पाठ्यक्रम में बदलाव, कौशल विकास और रोजगार की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की.

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. जवाहर पासवान ने की, जबकि संगोष्ठी का संचालन सहायक प्राचार्य एवं इतिहास विभाग के डॉ. अरुण कुमार महतो ने किया.

राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य और महत्व समझाया

संगोष्ठी के दौरान डॉ. अरुण कुमार महतो ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्य, स्वरूप और प्रमुख प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने कहा कि यह नीति विद्यार्थियों के ज्ञान, कौशल और व्यक्तित्व विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से तैयार की गई है.

उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यावहारिक ज्ञान, कौशल आधारित शिक्षा, बहुविषयक अध्ययन और रोजगारोन्मुखी दृष्टिकोण को भी बढ़ावा देती है.

छात्रों के लिए मील का पत्थर साबित होगी NEP 2020

प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. जवाहर पासवान ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 आने वाले वर्षों में छात्रों के लिए मील का पत्थर साबित होगी. उनके अनुसार इस नीति के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी विकसित होंगे.

उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करना है, और नई शिक्षा नीति इसी दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है.

पाठ्यक्रम और करियर अवसरों पर हुई चर्चा

सहायक प्राचार्य सरवर मेहंदी ने नई शिक्षा नीति की उपयोगिता, पाठ्यक्रम में हुए बदलाव और छात्रों को मिलने वाले शैक्षणिक अवसरों पर विस्तार से प्रकाश डाला.

उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था में विद्यार्थियों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार विषय चुनने, कौशल आधारित शिक्षा प्राप्त करने और भविष्य के करियर के लिए बेहतर तैयारी करने के अधिक अवसर मिलेंगे.

नियमित उपस्थिति और शिक्षा का लाभ उठाने की अपील

संगोष्ठी में डॉ. विश्वजीत प्रकाश और डॉ. अजय कुमार ने भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे. दोनों शिक्षकों ने छात्र-छात्राओं से नियमित रूप से महाविद्यालय में उपस्थित होकर शिक्षा का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया.

कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन सरवर मेहंदी ने किया.

Madhepura News: बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं रहे उपस्थित

इस अवसर पर अरविंद कुमार यादव, चंदन कुमार, पिंटू कुमार, हिमांशु कुमार, अमरजीत, अनीश, ललन, अजय, पूरन, सोनू, हिना, मोनिका, शंभू, ब्रजेश सहित शिक्षकेत्तर कर्मी ब्यूटी, आजाद, अमन और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.

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लेखक के बारे में

By कौनैन वशीर

कौनैन वशीर प्रिंट माध्यम में 25 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. वर्ष 2001 में अमर उजाला से पत्रकारिता की शुरुआत की. अभी उदाकिशनगंज (मधेपुरा) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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