Madhepura news: मधेपुरा से अमन श्रीवास्तव की रिपोर्ट:
मधेपुरा जिले में पेट्रोल एवं प्रीमियम पेट्रोल की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है. जिले में सामान्य पेट्रोल की कीमत 110.49 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है, जबकि प्रीमियम पेट्रोल 120 रुपये प्रति लीटर के पार बिक रहा है. बढ़ती कीमतों का असर आम नागरिकों, व्यवसायियों एवं वाहन चालकों के बजट पर साफ दिखाई देने लगा है.
शहर के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही लोगों की भीड़ देखी जा रही है. लोग बढ़ती कीमतों को लेकर चर्चा करते नजर आ रहे हैं. वाहन चालकों का कहना है कि लगातार बढ़ती कीमतों ने मासिक बजट को प्रभावित कर दिया है.
स्थानीय निवासी बंटी कुमार ने बताया कि पहले 100 रुपये में पर्याप्त पेट्रोल मिल जाता था, लेकिन अब उतनी राशि में बहुत कम ईंधन मिल रहा है. वहीं वाहन चालक मुकेश यादव ने कहा कि यदि कीमतों में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो आने वाले समय में बाइक एवं कार चलाना मुश्किल हो जाएगा.
रोजमर्रा की वस्तुओं पर भी असर
पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं है. परिवहन खर्च बढ़ने से सब्जियों, फलों एवं अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों में भी वृद्धि देखी जा रही है. स्थानीय सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि बाहर से सामान लाने में अधिक खर्च हो रहा है, जिसके कारण उन्हें कीमतें बढ़ानी पड़ रही हैं.
छोटे व्यापारियों ने भी बढ़ती महंगाई पर चिंता जताई है. उनका कहना है कि ढुलाई महंगी होने से मुनाफा कम हो रहा है, जबकि ग्राहकों की संख्या में भी कमी आई है. लोग अब केवल जरूरी सामानों की खरीदारी कर रहे हैं.
प्रीमियम पेट्रोल उपभोक्ताओं पर ज्यादा असर
प्रीमियम पेट्रोल की कीमत 120 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंचने से उच्च गुणवत्ता वाले ईंधन का उपयोग करने वाले वाहन चालकों पर ज्यादा असर पड़ा है. कई कार चालकों का कहना है कि बेहतर माइलेज एवं इंजन सुरक्षा के लिए वे प्रीमियम पेट्रोल का इस्तेमाल करते थे, लेकिन अब सामान्य पेट्रोल का उपयोग करने को मजबूर हैं.
विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव एवं टैक्स संरचना के कारण घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतें प्रभावित होती हैं. हालांकि आम लोगों के लिए सबसे बड़ी चिंता रोजमर्रा के खर्चों में लगातार हो रही बढ़ोतरी है.
सरकार से राहत की मांग
बढ़ती महंगाई को लेकर लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है. सामाजिक संगठनों ने सरकार से पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले टैक्स में कमी कर आम जनता को राहत देने की मांग की है.
सामाजिक कार्यकर्ता ध्यानी यादव ने कहा कि महंगाई पहले से ही लोगों की कमर तोड़ चुकी है, ऐसे में पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी आग में घी डालने जैसा है. सरकार को इस दिशा में जल्द ठोस कदम उठाने चाहिए.
इस बीच कुछ लोग खर्च कम करने के लिए साइकिल, कार पूलिंग एवं सार्वजनिक परिवहन का सहारा लेने लगे हैं. हालांकि छोटे शहरों में सार्वजनिक परिवहन की सीमित सुविधा के कारण यह विकल्प सभी के लिए आसान नहीं है.
