बीएनएमयू में याद किये गये भारतरत्न जननायक कर्पूरी मधेपुरा. बीएनएमयू के राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में शनिवार को विश्वविद्यालय प्रेक्षागृह में भारतरत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर का 102वां जन्मोत्सव समारोह मनाया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते कुलपति प्रो बीएस झा ने कर्पूरी ठाकुर के साथ बिताए अपने संस्मरणों को याद कर उन्हें नमन किया और उनके व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला. कुलपति ने बताया कि कर्पूरी ठाकुर का जन्म बिहार के दरभंगा (अब समस्तीपुर) जिले के पितौंझिया गांव (अब कर्पूरी ग्राम) में हुआ था. उन्होंने महात्मा गांधी के आह्वान पर एक छात्र कार्यकर्ता के रूप में भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया. उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर ने हमेशा आम लोगों को हक व न्याय दिलाने के लिए संघर्ष किया. उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर जाति नहीं, जमात की चिंता करते थे. मौके पर डीएसडब्ल्यू प्रो अशोक कुमार ने कहा कर्पूरी ठाकुर केवल पिछड़ों एवं अतिपिछड़ों के प्रतिनिधि नहीं थे, बल्कि वे सर्वसमाज के नेता थे. कार्यक्रम का संचालन एनएसएस पदाधिकारी डॉ सुधांशु शेखर ने किया. धन्यवाद ज्ञापन वित्त पदाधिकारी डॉ सुनील कुमार ने किया. इस अवसर पर मानविकी संकायाध्यक्ष प्रो दीपक कुमार गुप्ता, विभागाध्यक्ष प्रो अशोक कुमार सिंह, शिक्षाशास्त्र विभाग के प्रोफेसर इंचार्ज प्रो सीपी सिंह, पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो ललन प्रसाद अद्री, आईक्यूएसी निदेशक प्रो नरेश कुमार, परीक्षा नियंत्रक डॉ शंकर कुमार मिश्र, परिसंपदा पदाधिकारी शंभू नारायण यादव, डॉ अनिल कुमार, डॉ अमरेंद्र कुमार, माया के अध्यक्ष राहुल यादव, सीनेटर डॉ रंजन कुमार, डॉ माधव कुमार, डॉ अभिषेक कुशवाहा, नेशनल एकेडमी के निदेशक जयराज, केके भारती, डॉ ललन कुमार, आनंद आशीष, विश्वजीत कुमार, संतोष कुमार व अन्य उपस्थित थे.
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