जिला प्रशासन ने डा खुशबू प्रकाश को किया सम्मानित

कई क्षेत्रों में महिलाओं की साक्षरता दर पुरुषों की तुलना में कम है.

मधेपुरा जिला प्रशासन ने अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर डा खुशबू प्रकाश को प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया. महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें सम्मान देना हमारा कर्तव्य है. महिलाओं ने इतिहास में हर क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ी है. चाहे वह शिक्षा हो, राजनीति हो, विज्ञान हो या खेल का मैदान. नारी केवल एक शब्द नहीं, बल्कि संपूर्ण सृष्टि का आधार है वह जीवनदायिनी है, प्रेम की मूर्ति और रिश्ते संवारने वाली शक्ति है. डा खुशबू प्रकाश ने बताया कि भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति, ममता, और त्याग का स्वरूप माना गया है. आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं. फिर भी कई चुनौतियां उनके सामने खड़ी हैं. समाज में आज भी घरेलू हिंसा, लैंगिक भेदभाव, शिक्षा में असमानता, दहेज प्रथा, बाल विवाह जैसी बुराइयां मौजूद हैं. आज भी कई क्षेत्रों में महिलाओं की साक्षरता दर पुरुषों की तुलना में कम है. कई जगहों पर महिलाओं को उनके बुनियादी अधिकारों से वंचित रखा जाता है. महिलाओं की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनी हुई है.उन्होंने कहा कि किसी समाज को मजबूत बनाना चाहते हैं, तो सबसे पहले हमें महिलाओं को सशक्त बनाना होगा. महिला सशक्तिकरण का अर्थ है महिलाओं को उनके अधिकार, शिक्षा, रोजगार और स्वतंत्रता देना ताकि वे अपने जीवन को अपनी शर्तों पर जी सके.

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