बीएनएमयू नार्थ परिसर में चारों विधानसभा की गहमागहमी, कहीं खुशी तो कहीं मायूसी मधेपुरा. बीएनएमयू नार्थ परिसर स्थित मतगणना केंद्र सुबह से ही शुक्रवार को राजनीतिक हलचल का केंद्र बना रहा. सूरज निकलने से पहले ही सभी दलों के प्रत्याशी, एजेंट और समर्थक यहां पहुंचने लगे थे. भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच मतगणना शुरू होते ही बाहर खड़े समर्थकों में हलचल तेज हो गयी. हर राउंड के बाद निकलने वाली जानकारी का इंतजार लोग सांस रोककर करते दिखे. किसी के चेहरे पर उत्साह की लाली तो किसी पर मायूसी की छाया साफ झलक रही थी. मतगणना स्थल के बाहर सुबह से शाम तक जिले की चारों विधानसभा आलमनगर, बिहारीगंज, सिंहेश्वर और मधेपुरा का सियासी तापमान लगातार ऊपर-नीचे होता रहा. एनडीए के बढ़त लेते ही गूंजे नारे, राजद खेमे में छायी खामोशी जैसे ही शुरुआती रुझान आने लगे, आलमनगर, बिहारीगंज और सिंहेश्वर विधानसभा से एनडीए गठबंधन के जदयू प्रत्याशियों को बढ़त की खबरें आने लगी. पहले-पहल बढ़त मामूली थी, लेकिन तीसरे-चौथे राउंड के बाद ही यह बढ़त निर्णायक होती दिखने लगी. इतना होते ही एनडीए समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी. बदलाव निश्चित है, नीतीश फिर जरूरी है…जैसे नारों से परिसर का वातावरण गूंज उठा. दूसरी ओर राजद खेमे के समर्थक खामोश होते चले गए. कई समर्थक एक-दूसरे से केवल यह पूछते दिखे कि अगला राउंड बदलेगा क्या ? लेकिन हर राउंड के बाद बढ़त का अंतर और बढ़ता गया. धीरे-धीरे राजद समर्थकों के चेहरों की चमक उतर गई. कई लोग मोबाइल स्क्रीन पर निगाहें गड़ाए बैठे रहे, मानो कोई चमत्कार होने की उम्मीद कर रहे हों. मधेपुरा विधानसभा में बदला खेल, 15 राउंड के बाद राजद आगे इधर जिले की सबसे चर्चित सीट मधेपुरा विधानसभा ने पूरे दिन सस्पेंस बनाए रखा. शुरुआती 15 राउंड तक जदयू प्रत्याशी बढ़त लेते दिखे, लेकिन 15वें राउंड के बाद मुकाबला कड़ा होने लगा. हर राउंड के साथ राजद की बढ़त बनी रही. 15वें राउंड के बाद जब राजद प्रत्याशी को बढ़त मिलती दिखी, तो माहौल बदल गया. जहां अभी थोड़ी देर पहले तक जदयू समर्थकों के चेहरे पर मुस्कान थी, वही मुस्कान अब धीरे-धीरे गायब होती दिखायी दी. राजद समर्थकों ने ढोल-नगाड़े भले नहीं बजाए, लेकिन आपस में गले मिलकर उत्साह जताने लगे. मधेपुरा समाजवादी धरती है, यहां हवा आखिरी तक बदल सकती है, यह वाक्य दोपहर तक समर्थकों के बीच सबसे ज्यादा सुनाई दिया. बाहर खड़े कई स्थानीय लोग भी चर्चा करते रहे कि मधेपुरा में नतीजा आखिरी राउंड तक रोमांच बनाए रखेगा. कड़ी सुरक्षा, बाहर खड़े रहे हजारों समर्थक मतगणना परिसर के बाहर हजारों समर्थकों की भीड़ दिनभर बनी रही, लेकिन किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं थी. हर दल के प्रतिनिधि बार-बार प्रशासन पर सवाल उठाने और जानकारी लेने की कोशिश करते दिखे. सुरक्षा बलों ने पूरे परिसर को छावनी में तब्दील कर रखा था. सुबह दस बजे के बाद जैसे-जैसे भीड़ बढ़ी, पुलिस ने बैरिकेडिंग बढ़ाकर लोगों को नियंत्रित किया. वातावरण में मिली-जुली भावनाएं, हर राउंड में धड़कनें तेज शाम ढलने तक परिसर के बाहर उत्साह, मायूसी, उम्मीद तीनों तरह की भावनाएं एक साथ तैरती रही. अलग-अलग विधानसभा से आने वाले रुझानों के साथ लोगों की धड़कनें भी ऊपर-नीचे होती रही. कई बुजुर्ग समर्थक सड़क किनारे बैठकर लगातार रुझान सुनते रहे. युवा समर्थक मोबाइल पर लाइव अपडेट देखकर समूह में चर्चा करते रहे. दुकानों, चाय की टपरियों, यहां तक कि सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों पर भी चुनावी गणित चर्चा का विषय बना रहा. आखिरी राउंड तक जारी रही राजनीतिक सनसनी जिले की चारों सीटों पर जारी यह दिलचस्प मुकाबला अब आखिरी राउंड तक रोमांच बनाए रखा. तीन सीटों पर जहां एनडीए ने स्पष्ट बढ़त हासिल कर ली है. वहीं मधेपुरा विधानसभा का परिणाम एक बार फिर राजद के पक्ष में जाता दिखा. समर्थकों की नजरें अब केवल इस बात पर टिकी है कि अंतिम राउंड तक कौन अपनी बढ़त बचा पाता है और कौन पीछे छूट जाता है. चुनावी पारा अभी नीचे आने के मूड में नहीं है.
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