वर्तमान समय में सतत विकास व हरित तकनीकों को अपनाना आवश्यक

वर्तमान समय में सतत विकास व हरित तकनीकों को अपनाना आवश्यक

दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शुरू मधेपुरा. रसायन विज्ञान, भौतिकी व औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों को एक साझा मंच प्रदान करने के उद्देश्य से दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ शुक्रवार को हाइब्रिड व ऑफलाइन दोनों मोड में हुआ. यह सम्मेलन केमिस्ट्री डिपार्टमेंट, नॉर्थ कैंपस बीएनएमयू में आयोजित किया गया. सम्मेलन में देश-विदेश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों, शोध संस्थानों तथा औद्योगिक प्रतिष्ठानों से जुड़े वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और उद्योग पेशेवरों ने प्रत्यक्ष व ऑनलाइन माध्यम से भागीदारी सुनिश्चित की. उद्घाटन सत्र में वक्ताओं ने विज्ञान, स्वास्थ्य व पर्यावरण के भविष्य को सुरक्षित करने में नवाचारी रसायन विज्ञान की भूमिका पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सतत विकास और हरित तकनीकों को अपनाना आवश्यक है. पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान और औद्योगिक सहयोग को सशक्त बनाने पर जोर दिया गया. सम्मेलन के दौरान प्रतिभागियों को नेक्स्ट जेनरेशन उपकरणों, आधुनिक तकनीकों व सतत विकास आधारित कार्यप्रणालियों से अवगत कराया जा रहा है. विशेष रूप से हरित रसायन, पदार्थ विज्ञान, सतत विकास तथा रासायनिक विज्ञान में अंतःविषय दृष्टिकोण जैसे विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किये गये हैं. ऑनलाइन माध्यम से जुड़े विशेषज्ञों ने भी अपने शोध निष्कर्ष प्रस्तुत किये. कुलपति प्रो बीएस झा हाइब्रिड मोड में सम्मेलन से जुड़े व अपने संबोधन में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रतिबद्धता तथा शोध-उन्मुख वातावरण को और सुदृढ़ करने पर बल दिया. मौके पर कुलपति हाइब्रिड मोड में जुड़कर वक्तव्य दिये. दो दिवसीय इस सम्मेलन में विभिन्न शोध पत्र प्रस्तुतियों, तकनीकी सत्रों व विचार-विमर्श के माध्यम से रसायन विज्ञान के भविष्य की दिशा पर व्यापक मंथन किया जा रहा है. आइआइटी धनबाद से आए हुआ वक्ता प्रो सोमनाथ यादव, आइआइटी के प्रो सुजय सुमनता, डीएम डब्लू अशोक कुमार व बीएनएमयू के रसायनशास्त्र के विभागाध्यक्ष प्रो नरेश कुमार सहित विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार अशोक ठाकुर, प्रो संयोजक अनिल कुमार दास व कार्यक्रम सचिव प्रो अरुणाभ सेन गुप्ता सहित रिसर्च स्कॉलर व छात्र छात्राएं मौके पर उपस्थित थे. सभी वक्ताओं ने शोध और उद्योग के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया. सम्मेलन के शैक्षणिक सहयोगी के रूप में इंडियन केमिकल सोसाइटी कोलकाता, भागलपुर चैप्टर तथा कॉसिल ऑफ केमिकल साइंस जुड़े हुये हैं. इनके सहयोग से कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक गरिमा प्राप्त हुई है.

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By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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