लोगों के बनाये जा रहें फार्मर आईडी के नियम पर प्रखंड प्रमुख ने जतायी आपत्ति
जमाबंदी उनके पिताजी और दादाजी के नाम से ही चल रहा.
गम्हरिया प्रखंड प्रमुख सह जन सुराज पार्टी के मधेपुरा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी शशि कुमार ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा लोगों के बनाएं जा रहें फार्मर आईडी के नियम पर आपत्ति जतायी है. इस संदर्भ में उन्होंने विभाग से नियम में बदलाव की मांग की है. प्रखंड प्रमुख गम्हरिया प्रमुख संघ जिलाध्यक्ष सह पूर्व प्रत्याशी मधेपुरा विधानसभा शशि कुमार का कहना है कि इस वक्त राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा बिहार में किसानों का फॉर्मर आइडी बनाया जा रहा है. जिसका मुख्य उद्देश्य है किसान निधि में मिलने वाली राशि के साथ-साथ इसी आइडी के आधार पर सरकार किसानों को कृषि से संबंधित विभिन्न प्रकार के योजनाओं का लाभ देने का विचार कर चुकी हैं. लेकिन सरकार के एक नियम जो इसमें जोड़ा गया है कि जिसके नाम से जमाबंदी है. उसी का आइडी बनेगा. यह बिल्कुल गलत फैसला है. इससे बिहार के 90 फीसदी किसान, किसान निधि और कृषि लाभ से वंचित रह जायेगा. वजह कि बिहार में अभी भी 90 फीसदी किसान ऐसे हैं. जिसका जमाबंदी उनके पिताजी और दादाजी के नाम से ही चल रहा. ऐसे सैकड़ों किसान रोज बनाए जा रहे कैंप से खाली हाथ मायूस होकर लौट रहे है. शशि कुमार ने राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मांग की है कि पूर्वज के नाम से जिसका जमाबंदी चल रहा है. उसको वंशावली के आधार पर लाभमिलना चाहिए. अगर ऐसा नहीं होता है तो ये सरासर बिहार के किसानों के साथ धोखा होगा.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
