Singheshwar Traffic Jam: सिंहेश्वर (मधेपुरा). बाबा सिंहेश्वर धाम में सावन के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ और बुधवार को लगने वाले साप्ताहिक मवेशी हाट के कारण पूरे बाजार की यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई. दिनभर लगे महाजाम से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. कई स्थानों पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया.
दुर्गा चौक से नारियल बोर्ड तक वाहनों की लंबी कतार
मुख्य बाजार के दुर्गा चौक, पुलिस लाइन, बस स्टैंड और नारियल विकास बोर्ड तक लगभग एक किलोमीटर लंबे हिस्से में दिनभर जाम की स्थिति बनी रही. सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं. कई बार यातायात पूरी तरह ठहर गया, जिससे श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय लोगों की भी मुश्किलें बढ़ गईं.
एम्बुलेंस और स्कूल वैन भी घंटों फंसी रहीं
जाम का सबसे अधिक असर आपातकालीन सेवाओं पर पड़ा. कई एम्बुलेंस लंबे समय तक जाम में फंसी रहीं. स्कूल वैन में बैठे छोटे-छोटे बच्चों को भी घंटों सड़क पर इंतजार करना पड़ा. उमस और गर्मी के बीच मरीजों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी.
अतिक्रमण और मनमानी बनी जाम की वजह
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे अवैध अतिक्रमण, ऑटो, ई-रिक्शा और टोटो चालकों की मनमानी के कारण सड़क की चौड़ाई काफी कम हो गई है. चालक बीच सड़क पर ही वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे थोड़ी सी भी भीड़ होने पर पूरा बाजार जाम की चपेट में आ जाता है.
ट्रैफिक व्यवस्था साबित हुई नाकाफी
मंदिर क्षेत्र और प्रमुख चौक-चौराहों पर पर्याप्त ट्रैफिक पुलिस की व्यवस्था नहीं होने से हालात और बिगड़ गए. मौजूद पुलिसकर्मी लगातार यातायात सुचारू कराने का प्रयास करते रहे, लेकिन श्रद्धालुओं और वाहनों की अत्यधिक संख्या के कारण व्यवस्था प्रभावी साबित नहीं हो सकी.
हर सप्ताह तीन दिन बनती है यही स्थिति
स्थानीय लोगों के अनुसार रविवार और सोमवार को बाबा मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ तथा बुधवार को मवेशी हाट के कारण नियमित रूप से महाजाम की स्थिति बनती है. कई बार वाहन आधे घंटे से लेकर एक घंटे तक एक ही स्थान पर खड़े रहते हैं.
स्थायी समाधान की उठी मांग
Singheshwar Traffic Jam: स्थानीय निवासी संतोष कुमार, विवेक कुमार और राजू कुमार सहित अन्य लोगों ने प्रशासन से ई-रिक्शा, ऑटो और टोटो के लिए अलग रूट एवं स्थायी स्टैंड बनाने, बाजार क्षेत्र में सख्ती से नो-पार्किंग लागू करने, सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने, विशेष अवसरों पर अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस की तैनाती करने तथा बड़े वाहनों के प्रवेश के लिए समय निर्धारित करने की मांग की है. उनका कहना है कि स्थायी व्यवस्था के बिना हर सप्ताह लोगों को इसी परेशानी का सामना करना पड़ेगा.
