नशा परिवार को आर्थिक रूप से करती है कमजोर

नशा परिवार को आर्थिक रूप से करती है कमजोर

उदाकिशुनगंज .

हरिहर साहा महाविद्यालय, उदाकिशुनगंज की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के तत्वावधान में बुधवार को नशा मुक्ति जागरूकता अभियान के तहत संगोष्ठी का आयोजन किया गया. संगोष्ठी ””देश में नशे की समस्या कितनी गंभीर”” विषय पर महाविद्यालय परिसर में आयोजित की गयी, जिसकी अध्यक्षता प्रधानाचार्य डॉ सुमन कुमार झा व संचालन प्रो सरवर मेहदी ने किया.

मौके पर अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ विश्वजीत प्रकाश ने कहा कि नशा जीवन को समूल नाश करने वाली आदत है. यह परिवार को आर्थिक रूप से भी कमजोर करती है. नशाखोरी की लत का शिकार व्यक्ति तरह-तरह के रोगों का शिकार होता है और उसके इलाज में घर परिवार का पैसा बर्बाद होता है. डॉ अमित कुमार मिश्रा ने कहा कि बिहार में शराबबंदी के बाद लोग स्मैक,अफीम, गांजा, भांग, चरस आदि का सेवन कर रहे हैं. यह चिंताजनक है. प्रो अरुण कुमार महतो ने कहा कि लगभग एक चौथाई लोग नशे की किसी न किसी आदत का शिकार है. कार्यक्रम के दौरान प्रो सरवर मेहदी ने कहा कि एक नशा मुक्त समाज और परिवार अत्यंत आवश्यक है.

मौके पर कार्यक्रम में डॉ दीपेश कुमार, प्रो नागेश्वर दास, चंदन, पिंटू, सोनू, हिना, मोनिका ,अनीश, बृजेश, राहुल, बिट्टू आदि मौजूद थे.

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Published by: Kumar ashish

कुमार आशीष 15 वर्षों से प्रभात खबर समूह के साथ पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से जनसंचार में डिग्री प्राप्त करने के बाद इन्होंने राजनीति, अपराध और कोसी अंचल की रिपोर्टिंग में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पिछले पांच वर्षों से सक्रिय हैं. पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए इन्हें नेपाल में 'अंतरराष्ट्रीय मैथिली युवा पत्रकारिता सम्मान' से नवाजा जा चुका है.

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