नोटबंदी: बाहर पढ़ रहे बच्चों के अभिभावक पस्त

एटीएम के सामने लाइन में खड़े लोग . मधेपुरा : जिले में लगातार सातवें दिन मंगलवार को भी विभिन्न बैंकों में नोट एक्सचेंज और अपने पैसे खाते में डालने के लिए बेतहाशा ग्राहक उमड़ पड़े. एटीएम व्यवस्था बेपटरी रही. बड़ी संख्या में एक साथ लोगों के बैंक पहुंचने की वजह से लंबी कतारें दिखीं.जिलों की […]

एटीएम के सामने लाइन में खड़े लोग .

मधेपुरा : जिले में लगातार सातवें दिन मंगलवार को भी विभिन्न बैंकों में नोट एक्सचेंज और अपने पैसे खाते में डालने के लिए बेतहाशा ग्राहक उमड़ पड़े. एटीएम व्यवस्था बेपटरी रही. बड़ी संख्या में एक साथ लोगों के बैंक पहुंचने की वजह से लंबी कतारें दिखीं.जिलों की कई शाखाओं में कतार में खड़े लोगों के बीमार पडऩे और बेहोश होने की भी खबर आई.
प्रखंड मुख्यालयों में स्थिति बैंकों में भी कमोबेश ऐसी ही स्थिति रही. आधे से अधिक एटीएम में दोपहर तक करेंसी की किल्लत हो गयी. शहर के सुभाष चौक स्थित अवस्थित इंडियन बैंक के एटीएम पर ग्राहक आपस में भिड़ते-भिड़ते बचे. बक-झक बढऩे से पहले ही बीच-बचाव कर मामला रोक लिया गया. उधर, कोटा, दिल्ली सहित देश के बड़ों शहरों में पढ़ रहे बच्चों के अभिभावक दिन भर बैंक व एटीएम के सामने खड़े रहे. उन्हें बच्चों को पैसा ट्रांसफर करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है. मधेपुरा सुमन ठाकुर ने बताया कि कोटा में बेटा पढ़ रहा है. उसे पैसा नहीं भेज पा रहे हैं.
नोट जमा व निकासी के लिए अफरा-तफरी : नोट बंदी होने से बैंकों में रुपये जमा व निकासी करने को लेकर मंगलवार को भी अफरा तफरी का माहौल रहा. प्रखंड क्षेत्र में पांच सौ एवं हजार का नोट चलन में बंद होने के सातवें दिन भी नगदी के लिए लोग दौड़ते रहे. कभी दौर कर एसबीआई के एटीएम के पास तो कभी इंडियन बैंक के एटीएम के पास लोग लाइन में खड़े नजर आये. नोट बंदी को लेकर सिंहेश्वर निवासी कमलदेव पासवान ने कहा कि इलाज के लिए भी पैसा लोगों को भी नहीं मिल पा रहा है. एटीएम के सामने छह से आठ घंटा लोगों को लाइन में खड़ा रहने के बाद भी लोगों को पैसा नहीं मिल पा रहा है. घरों में नकदी की समस्या को देखते बच्चों के द्वारा गुलक में जमा राशि से अब घर को नकदी की समस्या से निजात दिलाने का काम कर रहें हैं. प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के घोषणा के बाद से जिला मुख्यालय स्थित एसबीआई की शाखा और उप डाकघर से रुपया निकालने के लोगों की लंबी कतार देर शाम तक लगी रहती है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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