आर्म्स एक्ट में सात वर्ष की सजा
पूर्णिया कोर्ट/मधेपुरा : पंचम अपर सत्र न्यायाधीश हौसिला प्रसाद त्रिपाठी ने मधेपुरा जिला के बिहारीगंज थाना के पकिलपार निवासी जयचंद यादव को पुलिस बल पर हमला करने के लिए भारतीय दंड विधान की धारा 307 में 07 वर्ष की सजा तथा 03 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. जुर्माना नहीं चुकाने पर सजा में तीन […]
पूर्णिया कोर्ट/मधेपुरा : पंचम अपर सत्र न्यायाधीश हौसिला प्रसाद त्रिपाठी ने मधेपुरा जिला के बिहारीगंज थाना के पकिलपार निवासी जयचंद यादव को पुलिस बल पर हमला करने के लिए भारतीय दंड विधान की धारा 307 में 07 वर्ष की सजा तथा 03 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. जुर्माना नहीं चुकाने पर सजा में तीन माह का इजाफा होगा. वहीं सरकारी काम में बाधा पहुंचाने के आरोप में 02 वर्ष की सजा सुनायी गयी.
वहीं आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-बी) में 03 वर्ष की सजा तथा एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है. जुर्माना नहीं चुकाने पर एक माह सजा में बढ़ोतरी तथा 26(1) आर्म्स एक्ट में पांच वर्ष की सजा तथा दो हजार रूपया जुर्माना किया गया है. जुर्माना का रकम नहीं चुकाने पर दो माह की अवधि सजा में बढ़ जायेगी. आर्म्स एक्ट की धारा 27 में पांच वर्ष की सजा तथा दो हजार रूपये जुर्माना तथा नहीं देने पर दो माह की सजा अतिरिक्त सजा सुनायी गयी है. सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी.
उक्त सजा सत्रवाद संख्या 760/10 में न्यायालय द्वारा विचारण के बाद सुनाया गया है. दरअसल मामला बड़हरा थाना कांड संख्या 36/2010 से संबंधित है. सूचक रघुवंशनगर ओपी के तत्कालीन थाना अध्यक्ष अरविंद कुमार के अनुसार 22 फरवरी 2010 को गुप्त सूचना मिली कि लक्ष्मीपुर स्थित बंद पड़ी गुड़ मिल में अपराधी जयचंद यादव किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए एकत्रित हुआ है. वहां पहुंचने पर अपराधियों द्वारा फायरिंग की जाने लगी.
जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की. तब मकई खेत का लाभ लेते सभी अपराधी भागने लगे. जिस क्रम में जयचंद यादव पुलिस के हाथ लगा. तब उसके पास से दाहिने हाथ से लोडेड पिस्टल बरामद किया, जिसके मैगजीन में तीन चक्र का और बैटल में एक चक्र का तथा कमर से एक खोखा तथा देशी कट्टा भी बरामद हुआ. इस प्रकार अवैध हथियार रखने, पुलिस बल पर जानलेवा हमला-फायरिंग करने तथा सरकारी काम में बाधा करने में मुकदमा दर्ज किया गया, जिसमें सजा सुनायी गयी है.