हल्की बारिश से बाबा नगरी सिंहेश्वर बना कचरा

कीचड़ भरे रास्त से होकर श्रद्धालु पहुंचे सिंहेश्वर मंदिर, मंदिर रोड की स्थिति दयनीय सफाई कर्मी और नाला की आवश्यकता सिंहेश्वर के व्यवसायी विजय सिंह और संजय झा कहते हैं कि बाबा नगरी की पवित्रता को बनाये रखने के लिए रोज सफाई की जरूरत है़ इसके लिए सफाई कर्मी की व्यवस्था अनिवार्य है़ वहीं नाला […]

कीचड़ भरे रास्त से होकर श्रद्धालु पहुंचे सिंहेश्वर मंदिर, मंदिर रोड की स्थिति दयनीय

सफाई कर्मी और नाला की आवश्यकता
सिंहेश्वर के व्यवसायी विजय सिंह और संजय झा कहते हैं कि बाबा नगरी की पवित्रता को बनाये रखने के लिए रोज सफाई की जरूरत है़ इसके लिए सफाई कर्मी की व्यवस्था अनिवार्य है़ वहीं नाला निर्माण तकनीकी रूप से कराना होगा ताकि पानी का बहाव तरीके से हो सके़ इससे जल जमाव और कीचड़ से मुक्ति मिलेगी़ वहीं सड़क के किनारे सब्जी की दुकान लगाने वालों के लिए भी स्थायी इंतजाम किया जाना चाहिए. सड़ी सब्जी फेंकने के कारण सड़क पर दुर्गंध व्याप्त रहता है.
महावीर चौक की स्थिति भी खराब
महावीर चौक पर अस्थायी टैंपू एवं जिप स्टैंड बना हुआ है. गाड़ियों के बार बार लगने से यहां की मिट्टी धूल धुसरित हो जाती है. नतीजतन थोड़ी सी बारिश होने पर भी कीचड़ जम जाता है. मुख्य सड़क पर भी महावीर चौक से त्रिशूल चौक तक जल जमाव रहता है. गौरतलब है कि रोड नंबर 18 काफी दिनों तक अधबना रहने के बाद अब जा कर निर्मित हुआ है. अगर यही हाल रहा तो सड़क को जर्जर होते देर नहीं लगेगी.
सिंहेश्वर : रविवार की रात करीब एक से दो बजे के बीच तेज हवा के साथ हुई बारिश के कारण जिले के धार्मिक नगरी सिंहेश्वर में एक ओर जगह-जगह जल जमाव हो गया है. वहीं कीचड़ से गुजर कर लोगों को सिंहेश्वर मंदिर और मेला तक पहुंचना पड़ रहा है. लोगों का कहना है कि महज आधे घंटे की बारिश में यह हाल है, तो बरसात में न जाने क्या होगा.
कीचड़ से भर गया मंदिर रोड : मंदिर रोड में नाला तो बना है लेकिन नाला पूरी तरह जाम रहने के कारण पानी की निकासी करने में असमर्थ है. महज आधे घंटे की बारिश के बाद नाले का कीचड़ पानी के साथ बहता हुआ सड़क पर फैल गया. बदबू से लोग परेशान थे और नाक बंद कर गुजर रहे थे. कीचड़ में पिल्लू तैर रहे थे. लोगों का कहना था कि पहले पंचायत की ओर से तथा न्यास की ओर से हमेशा नाले की सफाई करायी जाती थी. तब यह समस्या उत्पन्न नहीं होती थी. लेकिन अब गाहे बगाहे सफाई होती है. वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों का मानना था कि लोगों को अपनी ओर से भी इस मामले में पहल करनी चाहिए. सड़क का इस्तेमाल हम करते है तो हमें इसकी सफाई का भी ध्यान रखना होगा. बहरहाल मंदिर रोड से होकर श्रद्धालुओं का गुजरना सोमवार को कम ही हुआ. हाथी गेट से इस रोड में प्रवेश करते हुए लोग दूसरा रास्ता पकड़ लेते थे.
एनएच 106 पर कीचड़ ही कीचड़ : एनएच 106 में स्थित सिंहेश्वर में चाहे उत्तर से आयें या दक्षिण से अगर गंदगी और कीचड़ मिले तो समझ जायें कि सिंहेश्वर आ गया है़ हल्की बारिश हो गयी तो पैदल चलना हिमालय चढ़ने जैसा है़ सिंहेश्वर बाजार की स्थिति नारकीय बन गयी है. हल्की बारिश होने पर भी जल जमाव होना आम बात है़ हल्की बारिश में ही सिंहेश्वर बाजार की स्थिति देख हैरत होती है. इसका प्रमुख कारण पानी की निकासी का समुचित प्रबंधन नहीं होना है़ नाला का निर्माण तो हुआ लेकिन इसके जरिये जल निकासी तो नहीं हुई लेकिन राशि निकासी जरूर हो गयी़ एक भी नाला सही नहीं है़
घरों का पानी सड़क पर बहने लगा है़ किसी भी नाला के निर्माण में तकनीकी पहलू ताक पर रख दिया गया़ मधेपुरा की ओर से सिंहेश्वर पहुंचते ही पेट्रोल पंप से लेकर दुर्गा चौक तक सड़क की एक जैसी स्थिति है. हर जगह जल जमाव होने के कारण लोगों को काफी परेशानी होती है. और तो और सड़क पर लगातार पानी जमा रहने के कारण सड़क बहुत जल्दी क्षतिग्रस्त हो जाता है.

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