लखीसराय : परंपरागत पोशाक से धोती गायब हो रही है. बदलते ट्रेंड की चपेट में केवल शहरी इलाका ही नहीं, गांव भी आ रहा है. 50 के दशक व उसके बाद जन्म लिए लोग धोती के बदले पैंट पहनना पसंद कर रहे हैं. नतीजा धोती बिक्री काफी कम हो गयी है.
धोती कारोबारी अरुण कुमार, राजकुमार लुहारूका आदि के मुताबिक पिछले एक दशक में धोती की बिक्री में 50 फीसदी की कमी आयी है. धोती के घटते कारोबार की वजह से कई व्यापारी भी सीमित संख्या में ही धोती मंगाने लगे हैं. लगन में धोती का कारोबार प्रमुख तौर पर होता है.
