बाइक के साथ एक धराया
मधेपुरा एएसपी राजेश कुमार के नेतृत्व मे सदर थाना पुलिस ने बाइक चोर गिरोह के एक सदस्य को चोरी की पल्सर बाइक के साथ गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है.
मधेपुरा : पुिलस ने गिरफ्तार आरोपी के बाबत मंगलवार को सदर थाना पर प्रेस वार्ता करते हुए एएसपी राजेश कुमार ने बताया कि सोमवार की संध्या गुप्त सूचना के आधार पर शहर के पानी टंकी चौक पर चोरी की पल्सर बाइक के साथ शंकरपुर थाना क्षेत्र के झरकाहा गांव निवासी शिवनेश्वरी यादव के पुत्र दिव्यासु कुमार को गिरफ्तार किया. एएसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान दिव्यासु ने बाइक चोरी किये जाने की बात स्वकारते हुए चोर गिरोह के सरगना सहित गिरोह में शामिल अन्य अपराधियों के बारे में भी बताया है. पुलिस इस अपराधी से मिले जानकारी के आधार पर लगातार छापेमार कर रही है.
एएसपी ने बताया कि पुलिस जल्द ही गिरोह के सरगना सहित अन्य चोर को गिरफ्तार करने में सफल रहेंगी. साथ ही कई अन्य चोरी किये गये बाइक को बरामद करने में पुलिस को सफलता मिलेगी. वहीं बरामद बाइक के बाबत जानकारी देते हुए एएसपी ने बताया कि बरामद पल्सर बाइक मधेपुरा कॉलेज चौक वार्ड नंबर चार निवासी सेवानिवृत प्राचार्य अभिनंदन यादव के घर से 31 अगस्त 15 की रात्रि चोरी की गयी थी. इस मामले में सदर थाना में कांड संख्या 495/15 दर्ज किया गया था. चोरी के बाद दिव्यांसु बाइक के बंफर, डिक्की सहित अन्य महत्वपूर्ण पाटर्स को बदल कर सवारी कर रहा था.
दिव्यांसु ने बाइक का नंबर प्लेट भी बदल दिया था. प्रेस वार्ता के दौरान सदर थानाध्यक्ष मनीष कुमार, कमांडो, विपीन कुमार सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद थे.
कॉलेज चौक से अगस्त में चोरी की गयी पल्सर बाइक के साथ गिरोह का सदस्य गिफ्तार
गिरोह के सरगना सहित अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए हो रही छापेमारी
15 हजार में पल्सर, 10 हजार में स्पलेंडर
किसी भी शोरूम में 80 से 85 हजार में मिलने वाला पल्सर बाइक मधेपुरा के चोर बाजार में 12 से 15 हजार रूपये में आसानी से उपलब्ध है. स्पलैंडर, पैसन प्रो, सहित अन्य चोरी की बाइक दस हजार रूपये में बिक जाती है. यह खुलासा बाइक चोर गिरोह के गिरफ्तार सदस्य दिव्यांसु ने किया है. बाइक चोर की मानें तो इस गिरोह का मुख्य सरगना शंकरपुर थाना क्षेत्र के ही कबियाही गांव निवासी विवेक यादव बाइक चोरी के साथ – साथ चोरी के बाइक को बेचने में भी माहिर खिलाड़ी माना जाता है.
विवेक अपने गिरोह के सदस्यों से बाइक चोरी करवाने के बाद उसे एक पखवारे के अंदर बेच डालता है. बाइक की बिक्री से मिले रकम का एक बड़ा हिस्सा अपने पास रखने के बाद अन्य सदस्यों के बीच दो से तीन हजार की रूपये की दर से रकम का बंटवारा किया जाता है. वहीं चोरी की बाइक खरीदने वाले से एक तय रकम लेने के बाद विवेक चोरी की बाइक का फर्जी कागजात प्रिंट करवा कर दे देता था. चोर गिरोह के गिरफ्तार सदस्य की मानें तो मधेपुरा, सिंहेश्वर, शंकरपुर और कुमारखंड प्रखंड में दर्जनों चोरी की बाइक शान से फर्राटा भर रही है.
महज दो हजार के लिए करते हैं अपराध
आधुनिक जीवन शैली और ब्रांडेड कपड़ों के चाह में टीनएजर्स बिना सोचे समझे अपराध का रास्ता अख्तियार कर रहे है. महज दो हजार से तीन हजार रूपये की कमाई के लिए नई उम्र के युवा अपराधी विवेक जैसे शातिर के चुंगल में फंस कर अपना कैरियर दांव पर लगाने से नहीं चुक रहे हैं. कॉलेज चौक पर गिरफ्तार शंकरपुर प्रखंड के झरकाहा गांव निवासी दिव्यांसु कुमार पॉलटेनिक का छात्र है. मेरठ के शांति निकेतन इंस्टीच्यूट का छात्र दिव्यांसु ने बताया कि वह विवेक के बहकावे आ गया. दिव्यांसु की माने तो कई नई उम्र के युवक विवेक के संपर्क के हैं.
