नो इंट्री में धड़ल्ले से हो रही इंट्री
एक तरफ मधेपुरा में जहां विकास की रफ्तार तेज पकड़ने लगी है. यहां विद्युत रेल इंजन कारखाना निर्माण का मार्ग जहां प्रशस्त हो चूका है, वहीं शहर के सटे सबैला गांव में भूपेंद्र नारायण मंडल विवि के नये परिसर में निमार्णाधीन मेडिकल कॉलेज की इमारते आकाश चूम रही है. इससे मधेपुरावासियों को लग रहा है कि अब उनके भी दिन बहुरेंगे. लेकिन नो इंट्री का पालन नहीं होना इन सभी बातों पर पानी फेरता नजर आ रहा है.
मधेपुरा : मधेपुरा शहर को सुसज्जित करने की दिशा में प्रशासनिक व राजनीतिक स्तर पर कोई कारगर कदम उठते नहीं दिख रहा है. इसका उदाहरण है कि शहर का मुख्य बाजार में जाम लगा रहना. न तो यहां ट्रैफिक नियम का पालन हो रहा है और न ही शहर में नो इंट्री को सख्ती से लागू किया जा रहा है. इसके कारण शहर के मुख्य बाजार में हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है. शहरवासियों का मानना है कि शहर में नो इंट्री का सख्ती से लागू नहीं होना, जाम का सबसे ब़ड़ा कारण है.
फिर भी नो इंट्री को लेकर प्रशासन का मौन रहना कई सवालों को जन्म दे रहा है. लोग दबी जुबान से यह भी कह रहे हैं कि नो इंट्री के समय में बड़े वाहनों के प्रवेश पर निर्धारित शुल्क की वसूली की जाती है. इसके कारण दिन भर ट्रैफिक नियम की धज्जी उड़ाते हुए ओवरलोड ट्रक व माल वाहक गाड़ी बेरोकटोक शहर में प्रवेश करते हैं. यत्र-तत्र बड़े वाहनों को खड़ा कर अनलोड किया जाता है. कभी- कभी तो दिन में यात्रियों से खचाखच भरी बस मुख्य बाजार से होकर गुजरती है.
जिसका परिणाम होता है कि शहर के हर चौक चौराहे में जाम की स्थिति बनी रहती है. नो इंट्री के उल्लंघन के कारण कई बड़ी दुर्घटनाएं होने की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता है. जाम के कारण राहगिरों को खास कर महिलाओं ूको भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
कर्पूरी चौक से कॉलेज चौक तक लागू है नो इंट्री : शहर के कर्पूरी चौक से लेकर कॉलेज चौक तक नो इंट्री लागू है. नो इंट्री का समय प्रशासनिक स्तर पर सुबह के आठ बजे से रात के आठ बजे तक निर्धारित है. लेकिन विगत कई महीनों से इसका पालन नहीं हो रहा है. इसके बावजूद बेरोकटोक वाहनों की आवाजाही होते रहती है.
नो इंट्री के समय में बड़े वाहन को जगह जगह खड़ा कर अनलोड किया जाता है. खास कर पूर्णिया गोला चौक से सुभाष चौक एवं थाना चौक तक यह स्थिति देखी जाती है. जबकि सुभाष चौक एवं पूर्णिया गोला चौक शहर का सबसे अधिक व्यस्त जगहों में जाना जाता है. ऐसे में बड़े वाहनों का जगह जगह खड़े रहना मुख्य बाजार में जाम की समस्या को उत्पन्न करता है.
