उदाकिशुनगंज : प्रखंड क्षेत्र के उर्दू मध्य विद्यालय, रहटा में बुधवार को घटिया भवन निर्माण का विरोध करते हुए ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया. हंगामा के दौरान कार्य रोकने पर मजदूरों व ग्रामीण में मारपीट हुई. इसमें दोनों तरफ से तीन लोग बुरी तरह जख्मी हो गये. हालांकि, उक्त घटना की सूचना बीइओ व पुलिस प्रशासन को दी गयी है.
जानकारी के अनुसार बुधवार को विद्यालय में घटिया निर्माण कार्य व विद्यालय में भारी अनियमितता को देखते हुए आक्रोशित ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए स्कूल में ताला लगा दिया. भवन निर्माण के बाबत ग्रामीणों ने स्थानीय मुखिया मो रजबुल को दिया. वहीं मुखिया के नेतृत्व में चल रहे भवन निर्माण को बंद करने कहा. वहां मजदूरों ने प्रधानाध्यापक की अनुपस्थिति में हमलोग कार्य बंद नहीं कर सकते. जिससे स्थानीय लोगों व मजदूरों में बहस होने लगी.
बहस होते होते-होते ग्रामीणों व मजदूरो के बीच मारपीट में शुरू हो गयी. दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई. मारपीट की घटना में ग्रामीण मो मुर्सीद व मो टुनटुन को गंभीर चोटें आयी. वहीं काम कर रहे मजदूर मो अमर को भी गंभीर चोट लगी हैं. उग्र ग्रामीणों ने स्कूल भवन के प्रथम तल पर बन रहे दो कमरे की निर्माणाधीन दीवार और स्टेपनर को तोड़ कर ध्वस्त कर दिया. ग्रामीणों के उग्र तेवर को देख कर स्कूल में मौजूद शिक्षक और बच्चे जान बचा कर भाग खड़ा हुआ.
भवन निर्माण कर रहे मजदूर भी अपनी जान बचाकर स्कूल परिसर से भाग खड़े हुए. ग्रामीण स्कूल में घंटों हंगामा करते रहे और प्रभारी एचएम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य गेट में ताला जड़कर प्रदर्शन किया और अनिश्चित काल के लए स्कूल को बंद कर दिया.
ग्रामीणों का आरोप ग्रामीणों का आरोप था कि प्रभारी एचएम गत वित्तीय वर्ष का पोशाक और छात्रवृति राशि का पूर्ण रूप से वितरण नहीं किया. माध्यान भौजन में अनियमितता बढती जा रही है. मीनू के अनुसार बच्चो को एमडीएम नहीं दी जाता है. वहीं स्कूल में विद्यालय शिक्षा समिति और अभिभावकों की बैठक नहीं की जाती है.
जिस कारण विद्यालय में जहां पाठन पाठन का स्तर गिर चुका है. वहीं विद्यालय का विकास कार्य में मनमाने तरीके से अनियमितता बरती जाती है. ग्रामीणों द्वारा विरोध किये जाने पर झूठे मुकदमें में फंसाने की प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से धमकी भी दी जाती है.
प्रधानाध्यापक ने कहा घटना का विरोध जताते हुए प्रभारी प्रधानाध्यापक सुशील कुमार यादव ने कहा कि निर्माणाधीन भवन को ग्रामीणों के द्वारा ध्वस्त किये जाने की शिकायत विभागीय अधिकारी और पुलिस प्रशासन को किया गया है. कुछ राजनैतिक लोगों के द्वारा ग्रामीणों को उकसा कर स्कूल कार्य को प्रभावित कर रहा है.
उन्होंने ग्रामीणो के आरोप को गलत बताया है. प्रधानाध्यापक ने अधिकारी को दिये गये आवेदन में कहा है कि वित्तीय वर्ष 2011-12 में दो कमरे के लिए विभाग की ओर से नौ लाख रूपया आवंटित किया गया था. तत्कालीन एचएम मो बदरी उद्दीन उक्त राशि से भवन निर्माण करने से इंकार कर दिया.
30 दिसबंर 2014 को प्रभार मिलने के बाद डीइओ के निर्देश पर विद्यालय षिक्षा समिति से अनुमोदन प्राप्त कर 17 दिसंबर 2015 को भवन निर्माण का कार्य शुरू किया.
एचएम ने कहा कि भवन निर्माण में प्रयुक्त होने वाली ईंट बालू एवं सीमेंट के गुणवत्ता पर सवाल खड़ा करना बिल्कुल गलत है. विभागीय अभियंता और अधिकारी स्कूल में मौजूद मेटिरियल की स्वयं जांच कर सकते है.
वर्जन — विद्यालय में हुई घटना की जानकारी मिली है. मामले की जांच कर रिपोर्ट वरीय अधिकारी को सुपूर्द की जायेगी. विंदेश्वरी साह , प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, उदाकिशुनगंज, मधेपुरा.
