मधेपुरा : राजकीय गोपाष्टी महोत्सव में बुधवार की संध्या पार्श्व गायिका सपना अवस्थी ने एक से बढ़ कर एक पुराने हिंदी फिल्मों की गीत की प्रस्तुति देकर महोत्सव के माहौल को खुशगवार बना दिया. सपना अवस्थी ने केरियर की शुरूआत की पहली दुश्मनी के गाने बन्नो तेरी अंखियां सुरमेदानी… से मानो कार्यक्रम में जान ला दी. लोग तालियां बजाने व झूमने को मजबूरी हो गये. धीरे धीरे महफिल अपने रस में डूबते चले गये.
छम्मा छम्मा फेम सपना अवस्थी ने मधेपुरा को झुमाया
मधेपुरा : राजकीय गोपाष्टी महोत्सव में बुधवार की संध्या पार्श्व गायिका सपना अवस्थी ने एक से बढ़ कर एक पुराने हिंदी फिल्मों की गीत की प्रस्तुति देकर महोत्सव के माहौल को खुशगवार बना दिया. सपना अवस्थी ने केरियर की शुरूआत की पहली दुश्मनी के गाने बन्नो तेरी अंखियां सुरमेदानी… से मानो कार्यक्रम में जान ला […]

दर्शकों ने अपने-अपने पंसद की गाने सपना अवस्थी के सामने रखे. उन्होंने भी दर्शकों को निराश नहीं होने दिया और गाने बड़े चाव से गाये, लोगों का खूब मनोरंजन किया.
अपनी फिल्मों के दौर में किये गये कार्यों को भी उन्होंने दर्शकों के सामन रखा. कहा कि अब तक मुंबई के सभी अभिनेता व म्युजिक डायरेक्टर के साथ काम कर चुकी है. जिसमें शारूख खान, सलमान खान, माधुरी दीक्षित सहित शामिल है. उन्होंने बताया कि बड़े बड़े मंच से अवार्ड भी मिला. उनके जीवन में का जो भी एलबम हिट हुआ वह कोलकाता में हिट हुआ.
इन बातों के बाद उनके पुराने गीतों का दौर शुरू हुआ, जिसमें परदेशी परदेशी जाना नहीं…, छम्मा छम्मा बाजे रे मेरी पैजनिया… दिल वालों के दिल का करार लूटने, मैं आयी हूं यूपी बिहार लूटने…, ओ दर्जी सी दे रे चोलिया हमार नजरिया बंद करके…, साथ छोड़ूं न तेरा…, जो बीच बजरियां तू ने मेरी…, छमक छम छमके अंगूरी बदन…, चल छैइया छैइया… आदि सुनकर लोग झूम उठे. वहीं सपना अवस्थी का साथ कोलकाता से आयी राज व रोमा घोष ने खूब निभाया. वहीं इनलोगों का साथ ब्लू फायर इंटरटेनमेंट भागलपुर के दिया.
झांकी की प्रस्तुति ने लोगों का मनमोहा : पटना के नालंदा संगीत कला विकास संस्थान के कलाकारों ने एक से बढ़कर एक झांकी की प्रस्तुति दी. कलाकारों ने बिहार की संस्कृति को आमलोगों के बीच नृत्य के माध्यम से पहुंचाया. कलाकारों ने लय के साथ बिहार गौरव गान की प्रस्तुति देकर मन मोह लिया. संगीत संस्थान के कलाकारों ने राज्य के प्रमुख पर्व व संस्कृति की झलक नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत की.
मंच पर सर्वप्रथम कमला माई नृत्य की प्रस्तुति दी गयी. उसके बाद शादी में आयोजित झूमर नृत्य की प्रस्तुति देकर कलाकारों ने दर्शकों के बीच अमिट छाप छोड़ी. कलाकारों ने लगभग एक घंटे तक बिहार की संस्कृति को झांकी व नृत्य द्वारा दर्शकों तक पहुंचाया. कार्यक्रम में मौजूद दर्शकों ने भी कलाकारों की खूब उत्साहवर्द्धन किया.
कार्यक्रम की समाप्ति पर नालंदा संगीत कला विकास संस्थान के कलाकारों को एनडीसी रजनीश राय, एसडीएम वृंदालाल, एसडीपीओ वसी अहमद, बीडीओ आर्य गोतम, सीओ वीरेंद्र झा, डाॅ बीएन मधेपुरी, शशिप्रभा जायसवाल, डाॅ आरके पप्पू ने सम्मानित किया. कार्यक्रम का संचालन एनके भारती, शैली मिश्रा व हर्षवर्धन सिंह राठौर ने किया.
फिर भी दिल है हिंदुस्तानी…महोत्सव में स्थानीय कलाकार भी ने भी कार्यक्रम को यादागार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी. प्रांगण रंगमंच के कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुति दी. कलाकार लीजा मान्या व शिवानी अग्रवाल के नृत्य की प्रस्तुति ने मनमोह लिया. नवाचार रंगमंडल के नन्हें कलाकारों ने देशभक्ति गीत फिर भी दिल है हिंदुस्तानी…, पर अपनी प्रस्तुति दी.
कलाकार रोहित, कार्तिक, हर्षिता, प्रतीक, संयुक्ता, प्रेरणा आदि ने जय हनुमान ज्ञान गुणसागर पर अपनी नृत्य की प्रस्तुति दी. कला मंदिर व हैप्पी एंड ग्रुप के कलाकारों की प्रस्तुति ने लोगों को मुग्ध कर दिया. सृजन दर्पण के कलाकारों ने ‘कोई गोदवा ल हो गोदनवा’ पर नृत्य की प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटोरी. मुख्य रूप से इस नृत्य में श्रीकृष्ण व राधा के लीलाओं को भी दिखाया गया.
नृत्य नाटिका का निर्देशन रंगकर्मी विकास कुमार ने किया. इसमें मुख्य रूप से पुष्पा कुमारी, मनीषा, रूपा, राखी कुमारी, अंजली कुमारी सहित अन्य कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से महोत्सव में चार चांद लगा दिया.
लज्जते गम बढ़ा दीजिये… विभिन्न संस्थानों के बच्चों ने भी बेहतरीन प्रस्तुति दी. कलाकार राजीव सिंह तोमर ने अपनी आवाज से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया. ऐसी लागी लगन, मीरा हो गयी मगन…, लज्जते गम बढ़ा दीजिये…, गाकर दर्शकों का मनोरंजन किया. कलाकार सह शिक्षक गांधी कुमार मिस्त्री ने रे पंछी भूल गया पथ अपना…, भक्तिगीत की प्रस्तुति दी.
आकाशवाणी कलाकार संजीव कुमार ने श्री कृष्ण चरण कहिए…, से अपनी प्रस्तुति दी. सिंहेश्वर की गायिका तनूजा ने मैथिली लोकगीत ‘जहि विधि रखतै सैंया…, गाकर दर्शकों का दिल जीत लिया. वादयंत्र पर इनलोगों का साथ तबला पर अजय कुमार पोद्दार व ओम आनंद, पैड पर गुलशल गुरूदेव, ऑर्गोन पर वीरेंद्र कुमार यादव व नाल पर रोहित झा दे रहे थे.