किसानों को जल्द मिलेगी फसल क्षतिपूर्ति

मधेपुरा : गत वर्ष आंधी-वर्षा से जिले के पुरैनी चौसा क्षेत्र के खेत में लगे केला की फसल तहस नहस कर हजारों किसान तबाह हो गये थे. बड़े पैमाने केला की फसल की क्षति पहुंची है. किसानों ने प्रशासन से फसल की क्षतिपूर्ति मांगते हुये आंदोलन भी की व आंदोलन के समय अनुमंडल पदाधिकारी एसजेड […]

मधेपुरा : गत वर्ष आंधी-वर्षा से जिले के पुरैनी चौसा क्षेत्र के खेत में लगे केला की फसल तहस नहस कर हजारों किसान तबाह हो गये थे. बड़े पैमाने केला की फसल की क्षति पहुंची है. किसानों ने प्रशासन से फसल की क्षतिपूर्ति मांगते हुये आंदोलन भी की व आंदोलन के समय अनुमंडल पदाधिकारी एसजेड हसन ने बताया कि सभी को फसल क्षतिपूर्ति जल्द मिलेगा

. लघु सिंचाई व विधि मंत्री को नरेंद्र नारायण यादव ने कहा विधानसभा में केला के फसल क्षतिपूर्ति के लिए प्रश्न रखा गया था. जो पुरैनी व चौसा के लिए अंचलाधिकारी के पास 27 लाख रुपये आवंटित हुये है.
गौरतलब है कि एसडीएम ने कृषि पदाधिकारियों की बैठक बुला कर केला की फसल को हुई क्षति के आकलन का निर्देश दिया. अधिकारियों को यह भी कहा गया कि आकलन रिपोर्ट जल्द कार्यालय को उपलब्ध करायी जाय. नहीं तो कार्रवाई नहीं की जायेगी.
अब पशुपालक को मिलेगा पशुओं के डूबने से मौत के बाद मुआवजा
चौसा. लघु सिंचाई व विधि मंत्री नरेंद्र नारायण यादव ने कहा कि मंत्री को पशु की मौत के बाद मुआवजा नहीं मिल रही थी.
जिससे किसान तबके लोगों को विकट स्थिति में परेशानी का सबब बना रहता था. इसके लिए सदन में बात को रख कर इसकी मुआवजा देने के लिए बात रखे थे और अब पशुपालक के पशु जैसे गाय, भैंस बाढ़ के पानी हो या ठनका गिरने से मौत के बाद मुआवजा के तौर पर 30 हजार रुपये देने की प्रावधान मिल चुका है .

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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