अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को दिया गया अर्घ, आज उदीयमान सूर्य को देंगे अर्घ
सिंहेश्वर : प्रखंड मुख्यालय के शिवगंगा घाट पर लोक आस्था के महान पर्व चैती छठ पूजा के तीसरे दिन अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को अर्घ दिया गया, जबकि आज छठ पूजा के अंतिम दिन उदयीमान सूर्य को अर्घ देने के साथ ही महान पर्व का समापन हो जायेगा. जानकारी के अनुसार सूर्य की उपासना का पर्व […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
सिंहेश्वर : प्रखंड मुख्यालय के शिवगंगा घाट पर लोक आस्था के महान पर्व चैती छठ पूजा के तीसरे दिन अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को अर्घ दिया गया, जबकि आज छठ पूजा के अंतिम दिन उदयीमान सूर्य को अर्घ देने के साथ ही महान पर्व का समापन हो जायेगा.
जानकारी के अनुसार सूर्य की उपासना का पर्व छठ हिंदू नववर्ष के पहले माह चैत्र माह में मनाया जाता है. इस पर्व में व्रती सूर्य भगवान की पूजा कर उनसे आरोग्यता, संतान और मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद मांगते हैं. आज उदीयमान सूर्य को अर्घ के साथ अनुष्ठान संपन्न होगा. बताया गया कि यह पर्व वर्ष में दो बार मनाया जाता है.
पहली बार चैत्र में और दूसरी बार कार्तिक में. चैत्र शुक्ल पक्ष षष्ठी पर मनाये जाने वाले छठ पर्व को चैती छठ व कार्तिक शुक्ल पक्ष षष्ठी पर मनाये जाने वाले पर्व को कार्तिकी छठ कहा जाता है. पारिवारिक सुख-समृद्धी तथा मनोवांछित फल प्राप्ति के लिए यह पर्व मनाया जाता है.