मधेपुरा : एनएच 106 मधेपुरा को भागलपुर व खगड़िया जिले से जोड़ती है. अमूमन रोजाना सड़कों पर लाखों लोगों की आवाजाही होती है. ऐसे में एनएच को कोसी का लाइफ लाइन भी कहा जाता है. दो जिले को आपस में जोड़ने के लिए रेलवे के बाद सड़क ही एकमात्र संपर्क स्थापित करती है. लगभग चार […]
मधेपुरा : एनएच 106 मधेपुरा को भागलपुर व खगड़िया जिले से जोड़ती है. अमूमन रोजाना सड़कों पर लाखों लोगों की आवाजाही होती है. ऐसे में एनएच को कोसी का लाइफ लाइन भी कहा जाता है. दो जिले को आपस में जोड़ने के लिए रेलवे के बाद सड़क ही एकमात्र संपर्क स्थापित करती है. लगभग चार साल होने को है. सड़क की हालत लगातार खराब होती जा रही है. सड़क की बदहाली के कारण हादसे रोजाना होने लगे है. सड़क के मध्य में तीन से पांच फीट तक लंबे गड्डे बन चुके हैं.
इन गड्डों में होकर ही स्कूली वाहन में रोजाना गुजरते है. सड़क पर खाई में गुजरने वाले स्कूल बस में सवार बच्चे व एंबुलेंस में जा रहे लोगों के चेहरे पर हादसे के डर को आसानी से देखा जा सकता हैं. मधेपुरा से उदाकिशुनगंज तक लगभग 35 किमी की दूरी में छोटे-बड़े गड्डे बने हुए है. खासकर इन दिनों सड़क की हालत जानलेवा बन गयी हैं. जर्जर सड़क को लेकर लोगों में विभिन्न तरह के चर्चाओं का दौर जारी है.
सड़क के किनारे बसे लोगों का कहना है कि आखिर जिला प्रशासन इस दिशा में कोई पहल क्यों नहीं कर रहे है, जबकि वे नवंबर माह से लेकर दिसंबर माह में दर्जनों बार इस सड़क से गुजरे हैं, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिये. मुख्यमंत्री के संभावित दौरे को लेकर सभी कार्य किये जा रहे है, लेकिन एनएच की दिशा में कोई पहल नहीं हो पा रही है.
खराब सड़क पर होती है दुर्घटनाएं: लंबे समय से सड़क खराब है. इससे एनएच में रोजाना दुर्घटना होती है. सड़कों में गड्डे बन गए है. जिनकी वजह से गाड़ियों की रफ्तार कम हो जाती है और कभी इन गड्डों से बचने के चक्कर में गाड़ियां आपस में टकरा भी जाती है.… पस्तपार से लेकर उदाकिशुनगंज तक एनएच की हालत खराब है. अरार के बाद सड़क पर कई बड़े गड्ढे बन गये है, इन्हीं गड्ड़ों से होकर रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं. …रोजाना गुजरने वाले लोगों को जर्जर सड़क की वजह से परेशानी हो रही हैं.
तैरने लगती है गाड़ियां: एनएच पर मेटल बिखरे पड़े है. छोटे वाहन तो गड्डे में प्रवेश करते ही अनियंत्रित होने लगते है. स्कूटी व छोटे पहिया वाले कई वाहन सवार रोजाना इस सड़क से हताहत हो रहे हैं. बस व बड़े वाहनों की आवाजाही से समस्या बढ़ रही है. सड़क पर पानी का छिड़काव नहीं होने कारण दिन में रात का लोगों को एहसास होता है. कई जगहों पर एनएच का नामोनिशान नहीं बचा हैं.