मधेपुरा : दूसरों के सहारे राजनीति करने वाले स्वयंभु नेता जिन्हें किसी दुख तकलीफ में जनता ने नहीं देखा, कभी लोगों के काम नहीं आयें, बड़ी बड़ी बातें कर रहे है. कभी चौधरी चरण सिंह तो कभी जार्ज, नीतीश, मुलायम, लालू के सहारे राजनीति करने वाले उस नेता को धरातल की राजनीति से कोई लेना देना नहीं है. जो केवल अपनी स्वार्थ पूर्ति के लिए और केवल अपने परिवार के लिए सोचें, वह समाजवादी कैसे हो सकता है. जो कभी गरीब, शोषित, पीड़ित की पीड़ा में उनके आंसू नहीं पोंछे, वह समाजवादी कैसे हो सकता है. ऐसा समाजवाद छद्म है. उन्होंने कहा कि ऐसे लोग तो गांधी, लोहिया और जयप्रकाश को भी कलंकित करते हैं. क्योंकि वह उनकी दुहाई देकर वोट लेते हैं. सांसद ने इशारे इशारे में जमकर शरद यादव पर हमला बोला.
नीतीश, लालू व शरद को दी चुनौती
मधेपुरा : दूसरों के सहारे राजनीति करने वाले स्वयंभु नेता जिन्हें किसी दुख तकलीफ में जनता ने नहीं देखा, कभी लोगों के काम नहीं आयें, बड़ी बड़ी बातें कर रहे है. कभी चौधरी चरण सिंह तो कभी जार्ज, नीतीश, मुलायम, लालू के सहारे राजनीति करने वाले उस नेता को धरातल की राजनीति से कोई लेना […]

कब तक अपमान सहेंगे नीतीश, ले अलग राह. सांसद पप्पू यादव ने कहा कि आखिरकार नीतीश कुमार कब तक अपमानित होते रहेंगे. प्रधानमंत्री के सामने केंद्रीय विश्वविद्यालय की मांग हो या फिर मोकामा टाल क्षेत्र का विकास. खुले मंच से गिड़गिड़ाने के बाद भी उनकी मांग नहीं सुनी गयी. अब नीतीश कुमार को अलग राह लेनी चाहिए. बिहार की जनता के सवाल पर इस्तीफा देकर विशेष राज्य की लड़ाई के लिए सच्चाई एवं बदलाव लाने के लिए एैलान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि बगैर आंदोलन के बिहार की मांग नहीं सुनी जायेगी. इसलिए बिहार की जनता को हक दिलाने का समय आ गया है.