केपीटीएल कंपनी को मिला था 66 किमी तक रेलवे विद्युतीकरण की जिम्मेदारी

मधेपुरा : ईस्टर्न सर्किल कोलकाता के सीआरएस प्रमोद कुमार आचार्या ने शुक्रवार को विद्युत टावर वेगन पर सवार होकर सहरसा से मधेपुरा तक पूरा किये गये रेल विद्युतीकरण कार्य का जायजा लिया. सीआरएस प्रमोद के साथ रेलवे हाजीपुर जोन के मुख्य अभियंता (विद्युत) राकेश कुमार तिवारी व समस्तीपुर रेल मंडल के एडीआरएम सुनील पांडे भी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | March 31, 2018 5:39 AM

मधेपुरा : ईस्टर्न सर्किल कोलकाता के सीआरएस प्रमोद कुमार आचार्या ने शुक्रवार को विद्युत टावर वेगन पर सवार होकर सहरसा से मधेपुरा तक पूरा किये गये रेल विद्युतीकरण कार्य का जायजा लिया. सीआरएस प्रमोद के साथ रेलवे हाजीपुर जोन के मुख्य अभियंता (विद्युत) राकेश कुमार तिवारी व समस्तीपुर रेल मंडल के एडीआरएम सुनील पांडे भी मौजूद थे. सीआरएस द्वारा मधेपुरा के मिठाई में रेलवे पटरी के ऊपर से गुजर रही 25 हजार केवी विद्युत कार्य का अवलोकन किया.

मधेपुरा स्टेशन पहुंचते ही सीआरएस अपने काफिला के साथ रेल इंजन कारखाना रवाना हो गये, जहां 132 केवी वाले टेक्सन पावर सब स्टेशन का निरीक्षण किया. मौके पर विद्युतीकरण करने वाली कंपनी केपीटीएल के अभियंता हेमंत ने बताया कि मधेपुरा के इस सब स्टेशन से सहरसा, सोनवर्षा कचहरी, सिमरी बख्तियारपुर, कोपरिया सहित साठ किमी तक रेलवे लाइन पर परिचालित इलेक्ट्रीक इंजन को करंट आपूर्ति दी जायेगी.

सीआरएस की मौजूदगी में एलस्टॉम द्वारा निर्मित पहले विद्युत इंजन के सफल स्पीड ट्रायल करने की जानकारी भी दी गयी. अभियंता ने बताया कि रेलवे द्वारा उद्घोषणा के माध्यम से स्थानीय लोगों को स्टेशन व रेलवे लाइन के ऊपर से गुजर रही हाइ वोल्टेज तार से दूर रहने की बात कही जा रही है. ज्ञात हो कि इस चरण में मधेपुरा से मानसी तक कुल 66 किमी तक विद्युतीकरण का कार्य पूरा होने से लोगों में देश के अन्य क्षेत्रों तक आवागमन के लिए लंबी दूरी की नियमित ट्रेन परिचालन की उम्मीद बढ़ गयी है.

बदला-बदला था स्टेशन का नजारा
रेलवे परिसर में आमतौर पर सफाई का ध्यान नहीं रखा जाता है, लेकिन जैसे ही अधिकारियों की आने की सूचना होती है तो रेलवे परिसर की सफाई तथा मरम्मत का कार्य शुरू हो जाता है. स्टेशन परिसर के चारों तरफ सफाई कर ब्लचिंग का छिड़काव किया गया था. स्टेशन परिसर के आसपास से अतिक्रमण खाली करा लिया गया था. स्टेशन के चप्पे-चप्पे पर रेलवे के अधिकारी व सुरक्षा बल मौजूद थे.