लखीसराय : रामगढ़ प्रखंड के तेतरहाट पंचायत अंतर्गत नोनगढ़ गांव में शनिवार की देर शाम विश्व हिंदू परिषद का 62वां स्थापना दिवस मनाया गया. कार्यक्रम का आयोजन विहिप मातृशक्ति की ओर से किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता विहिप की जिला मातृशक्ति संयोजिका गौरम्मा सिन्हा ने की, जबकि मंच संचालन विहिप के जिला मंत्री बंटी कुमार ने किया.
संगठन के इतिहास और उद्देश्यों पर हुई चर्चा
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विश्व हिंदू परिषद के प्रांत प्रचार-प्रसार प्रमुख सुधांशु कुमार मौजूद रहे. उन्होंने वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों और संगठन के उद्देश्यों पर चर्चा की.
उन्होंने कहा कि समाज के सामने धर्मांतरण, लव जिहाद और भूमि जिहाद जैसी चुनौतियां हैं. उन्होंने इन मुद्दों को लेकर समाज को जाति, मत और पंथ के भेद से ऊपर उठकर एकजुट होने की आवश्यकता बतायी.
1964 में हुई थी विश्व हिंदू परिषद की स्थापना
मुख्य अतिथि ने संगठन के ऐतिहासिक संदर्भ की जानकारी देते हुए बताया कि 28 अगस्त 1964 को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की मध्य रात्रि में संदीपनी ऋषि के आश्रम में विश्व हिंदू परिषद की स्थापना की गयी थी.
उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य हिंदू समाज के हितों, सांस्कृतिक मूल्यों और धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के साथ समाज में एकता और जागरूकता को बढ़ावा देना है.
सामाजिक सेवा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान
कार्यक्रम के समापन पर वक्ताओं ने लोगों से सामाजिक सेवा, संगठन की मजबूती और समाजहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया.
इस अवसर पर विहिप और मातृशक्ति की कई कार्यकर्ता तथा स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे.
