कला की शिक्षा एवं शिक्षा में कला विषय पर आयोजित हुई कार्यशाला
लखीसराय. जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डायट में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला कला की शिक्षा एवं शिक्षा में कला के दूसरे दिन मंगलवार को कार्यशाला क शुरुआत अतिथि असिस्टेंट प्रोफेसर, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय पटना साधनसेवी डॉ अर्चना चौधरी व सीटीआई सारण के व्याख्याता डॉ विशाल भूषण यादव के साथ हुई. प्रथम तकनीकी सत्र में डॉ अर्चना चौधरी, डॉ विशाल भूषण यादव व डॉ जैनेंद्र, व्याख्याता कला एवं शिल्प एनसीईआरटी उदय कुमार पंडित, व्याख्याता डायट पूर्णिया गोपाल कुमार, व्याख्याता डायट कटिहार रविराज द्वारा कला विषय पर परिचर्चा की गयी.उदय कुमार द्वारा चेतना सत्र में कला के समावेश से विद्यालय वातावरण को बेहतर बनाने की चर्चा की गयी, जबकि डॉ विशाल भूषण द्वारा फाइन आर्ट से संबंधित पाठ योजना प्रस्तुत कर प्रशिक्षुओं को लाभान्वित करने का प्रयास किया गया. वहीं राजीव रंजन व्याख्याता डाइट लखीसराय द्वारा कला के माध्यम से व्यक्तित्व विकास विषय पर संबोधित किया गया. डॉ अर्चना चौधरी द्वारा नृत्य के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालते हुए नृत्य के माध्यम से प्राथमिक कक्षा की विषय वस्तु को पढ़ाने की कला प्रशिक्षण में विकसित करने का प्रयास किया गया. रविराज द्वारा सिनेमा जगत की बारीकियां से प्रशिक्षुओं को अवगत कराया गया. वहीं गोपाल कुमार द्वारा चित्रकला शिक्षा पर परिचर्चा की गयी.
तकनीकी सत्र के व्यावहारिक पक्ष में प्रशिक्षुओं ने विषय विशेषज्ञों से स्टोरी टेलिंग एवं रोल पर चित्रकला नृत्य एलटीएम के रूप में पपेट मास्क, क्ले मॉडलिंग एवं टेराकोटा आदि कला विधाओं का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया. अंत में संस्थान के प्राचार्य डॉ वंदना कुमारी एवं कार्यशाला संयोजक व्याख्याता राजीव रंजन साथ ही समस्त व्याख्याता गणों द्वारा पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र वितरित किये गये संस्थान के प्राचार्य द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यशाला की समाप्ति की घोषणा की गयी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
