सूर्यगढ़ा. बिहार के निर्माण क्षेत्र में तकनीकी सशक्तिकरण की एक नयी तस्वीर सूर्यगढ़ा प्रखंड के निस्ता गांव में उभर रही है. बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तत्वावधान में आयोजित 15 दिवसीय विशेष कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम ने ग्रामीण निर्माण श्रमिकों को नई पहचान और आत्मविश्वास दिया है. टोरलपुर पंचायत स्थित राम जानकी ठाकुरबाड़ी परिसर में 22 दिसंबर से चल रहे इस प्रशिक्षण शिविर में 94 पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को आधुनिक निर्माण तकनीकों, सुरक्षा मानकों और उन्नत औजारों के प्रयोग का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया. कार्यक्रम का संचालन इंजीनियर सूरज पटेल के कुशल मार्गदर्शन में किया जा रहा है. सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक चलने वाले इस शिविर में प्रतिभागियों के लिए खान-पान व नाश्ते की समुचित व्यवस्था की गई. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन 5 जनवरी को आयोजित मूल्यांकन परीक्षा के साथ होगा, जिसमें सभी प्रतिभागियों की दक्षता की जांच की जायेगी. छह जनवरी को प्रमाण पत्र प्रदान किये जायेंगे. यह प्रमाण पत्र उन्हें सरकारी एवं निजी क्षेत्र की निर्माण परियोजनाओं में बेहतर अवसर और मानदेय दिलाने में सहायक होगा. प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे श्रमिकों का कहना है कि अब वे केवल दिहाड़ी मजदूर नहीं, बल्कि प्रमाणित कुशल कारीगर के रूप में अपनी पहचान बना पायेंगे. स्थानीय स्तर पर इस पहल की व्यापक सराहना हो रही है, क्योंकि यह न सिर्फ श्रमिकों को आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
