-प्रतिदिन शाम चार से शाम छह बजे तक रामकथा का हो रहा आयोजन -वार्षिकोत्सव के दौरान रामकथा से भक्तिमय हुआ बड़हिया बड़हिया. नगर स्थित प्रसिद्ध व प्राचीन राधामोहन ठाकुरबाड़ी में नौ दिवसीय 18वें श्री राधामोहन वार्षिकोत्सव का शुभारंभ रविवार को वैदिक मंत्रोच्चार, भक्ति भाव और श्रद्धालुओं की उपस्थिति के बीच किया गया. शुभारंभ के साथ ही आयोजित श्रीराम कथा ने पूरे नगर को भक्तिरस से सराबोर कर दिया. वार्षिकोत्सव के पहले दिन मथुरा से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक अखिलेश शास्त्री ने श्रीराम कथा का शुभारंभ करते हुए रामचरितमानस की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि रामकथा केवल एक धार्मिक आख्यान नहीं, बल्कि मानव जीवन को मर्यादा, करुणा, त्याग और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला जीवन दर्शन है. उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि कथा को केवल सुनें नहीं, बल्कि जीवन में उतारें. कथावाचक ने कहा कि जो भी श्रद्धालु श्रद्धा, विश्वास और एकाग्रता के साथ रामकथा का श्रवण-पान करता है, उसे भगवान श्रीराम की अवश्य कृपा प्राप्त होती है तथा उसके जीवन के कष्ट दूर होते हैं. कथा के दौरान रामनाम और चौपाइयों के सस्वर पाठ से पूरा ठाकुरबाड़ी परिसर भावविभोर हो उठा. आयोजकों ने बताया कि श्रीराम कथा राधामोहन वार्षिक महोत्सव के अंतर्गत प्रतिदिन शाम चार बजे से शाम छह बजे तक रामकथा का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें प्रतिदिन श्रीराम के आदर्श, मर्यादा पुरुषोत्तम के जीवन प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया जायेगा. इसके अतिरिक्त प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर तीन बजे तक आचार्य रत्नेश दत्त चतुर्वेदी द्वारा रामचित्र मानस पाठ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें श्रद्धालु बड़ी संख्या में सहभागिता कर रहे हैं. मानस पाठ के दौरान भक्ति संगीत ने वातावरण को और अधिक आध्यात्मिक बना दिया. कथा को संगीतमय बनाने में अजय शर्मा, राहुल चतुर्वेदी एवं कामेश्वर शास्त्री ने गायन एवं वादन के माध्यम से विशेष सहयोग प्रदान किया. उनके मधुर स्वर और वाद्ययंत्रों की संगत से कथा स्थल पर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर होकर भक्ति में लीन नजर आये. कार्यक्रम में बड़हिया नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु शामिल हुए.
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