विद्यालय में अब ''स्पिरिचुअल क्लास'' से संवरेगा छात्रों का भविष्य
विद्यालय में अब 'स्पिरिचुअल क्लास' से संवरेगा छात्रों का भविष्य
By Rajeev Murarai Sinha Sinha | Updated at :
मोहनपुर स्कूल की अनूठी पहल, हर शनिवार श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों से जीवन की सीख लेंगे बच्चे
लखीसराय. जिले के पिपरिया प्रखंड स्थित उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, मोहनपुर में शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों के संचार के लिए एक सराहनीय शुरुआत की गयी है. प्रधानाध्यापिका डॉ प्रियमा कुमारी की पहल पर अब विद्यालय में हर शनिवार को छात्रों के लिए आध्यात्मिक कथा एवं ”स्पिरिचुअल क्लास” का आयोजन किया जाएगा. इस पहल का मुख्य उद्देश्य किशोरावस्था के विद्यार्थियों को भटकाव से बचाना और उन्हें बेहतर इंसान बनाना है.
मानसिक दबाव व भटकाव को रोकने की कोशिश
प्रधानाध्यापिका डॉ प्रियमा कुमारी ने बताया कि कक्षा नवम से 12वीं तक के विद्यार्थी किशोरावस्था के ऐसे पड़ाव पर होते हैं, जहां मानसिक दबाव और गलत दिशा में जाने का खतरा सबसे अधिक रहता है. उन्होंने कहा कि आज के समय में बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ जीवन मूल्यों से जोड़ना बेहद जरूरी है. इसीलिए प्रत्येक शनिवार को माध्यमिक व उच्च माध्यमिक कक्षाओं के लिए एक घंटे की यह विशेष कक्षा अनिवार्य रूप से आयोजित की जाएगी.
गीता के श्लोकों से हुई पहले दिन की शुरुआत
इस नई पहल के पहले दिन डॉ प्रियमा कुमारी ने स्वयं विद्यार्थियों को श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोक सुनाए व सरल भाषा में उनका भावार्थ समझाया. उन्होंने बच्चों को कर्म, अनुशासन और आत्मविश्वास का महत्व बताते हुए सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी. विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी पूरी रुचि और तन्मयता के साथ इस आध्यात्मिक सत्र में भाग लिया.
व्यक्तित्व निर्माण में मिलेगी मदद
विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि इस प्रयास से न केवल छात्रों के नैतिक विकास में सहायता मिलेगी, बल्कि उनके व्यक्तित्व निर्माण व सकारात्मक सोच को भी मजबूती मिलेगी. ग्रामीण स्तर पर आध्यात्मिक शिक्षा की यह शुरुआत अन्य विद्यालयों के लिए भी एक सकारात्मक मिसाल पेश कर रही है.