सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध है टीबी बीमारी का इलाज

टीबी उन्मूलन की दिशा में सरकार गंभीर दिख रही है

लखीसराय. टीबी उन्मूलन की दिशा में सरकार गंभीर दिख रही है. वर्ष 2027 तक देश को टीबी मुक्त करने का भी संकल्प लिया गया है, इसको लेकर जिले के जिला यक्ष्मा रोग पदाधिकारी डॉ श्रीनिवास शर्मा से टीबी से बचाव, संक्रमित मरीजों के लिए सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाएं सहित कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात की गयी.

जिला यक्ष्मा रोग पदाधिकारी से बातचीत के अंश-

प्रश्न: टीबी कितने प्रकार के होते हैं, किन लक्षणों को देखकर सतर्क होने की जरूरत है.

उत्तर: टीबी मुख्यतः चार प्रकार के होते हैं। पहला फेफड़ा और दूसरा आंत की टीबी, तीसरा गले का टीबी और चौथा हड्डी का टीबी, किंतु संक्रमित होने के बाद खून के जरिये यह बीमारी शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित करना शुरू कर देती है. इसलिए इस बीमारी से निजात पाने के लिए लक्षण दिखते ही जांच एवं समुचित इलाज कराना जरूरी है. इसके सामान्यतः पांच लक्षण होते हैं, पहला 15 दिन या इससे अधिक दिनों तक लगातार खांसी रहना, दूसरा इसी तरह 15 या उससे अधिक दिनों तक बुखार रहना, तीसरा बलगम में खून आना, चौथा एक माह या इससे अधिक दिनों तक सीने में दर्द रहना एवं पांचवा लगातार शरीर के वजन का कम होना. इन लक्षणों में किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर तुरंत जांच करानी चाहिए.

प्रश्न: टीबी के लक्षण दिखने पर व्यक्ति को क्या करना चाहिए, इसके लिए जिले में क्या-क्या सुविधा उपलब्ध है.

उत्तर: टीबी का लक्षण दिखते ही उस व्यक्ति को तुरंत अपने नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच करानी चाहिए और जांच के पश्चात चिकित्सा परामर्श के अनुसार उपचार कराना चाहिए. जिले में इस बीमारी के लिए सीबीनेट मशीन से जांच के साथ-साथ बलगम जांच एवं एक्स-रे जांच की सुविधा उपलब्ध है एवं उनके लिए अलग वार्ड की भी व्यवस्था है, जहां मरीजों का समुचित इलाज किया जाता है.

प्रश्न: टीबी के समुचित ईलाज की जिले में क्या व्यवस्था है.

उत्तर: टीबी मरीजों के समुचित इलाज के लिए जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में समुचित जांच एवं उपयुक्त दवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. इसके अलावा उचित एवं प्रोटीन युक्त खान-पान के लिए सरकार द्वारा इलाज के दौरान प्रत्येक माह 1000 रुपये प्रोत्साहन राशि भी दिया जाता है. साथ ही इलाज के दौरान मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े, इस बात का ख्याल रखा जाता है. मैं सभी ऐसे सभी मरीजों से अपील करते हैं कि वह सरकारी स्वास्थ्य संस्थान आये, हमारी पूरी टीम उनकी उचित इलाज एवं देखभाल समेत अन्य सभी आवश्यक सेवा के लिए पूर्ण रूप से तैयार रहती है.

प्रश्न: टीबी ग्रसित मरीज से परिवार के अन्य लोगों में टीबी संक्रमण की कितनी संम्भावना होती है.

उत्तर: ये उनके रहन-सहन पर भी निर्भर करता है. अगर एक ही कमरे में संक्रमित के साथ रहते हैं तो इस संक्रमण के दायरे में आने की अधिक उम्मीद रहती है.

प्रश्न: टीबी संक्रमण के प्रमुख क्या कारण है, इससे बचाव के लिए क्या किया जा सकता है.

उत्तर: यह एक वायु संक्रमण की बीमारी है, अगर कोई टीबी का मरीज थूकता है तो उससे ये फैलता है और इस संक्रमण के चपेट में आने से टीबी हो सकता है. इसलिए इससे बचाव के लिए मास्क का उपयोग जरुर करना चाहिए. यह टीबी के संक्रमण से दूर रखेगा.

प्रश्न: यदि कोई टीबी मरीज निजी क्लीनिक या अस्पताल में ईलाज कराता है तो क्या उसे सरकार की कोई सुविधा उपलब्ध हो सकती है.

उत्तर: टीबी से संक्रमित मरीजों सरकार द्वारा दी जाने वाली हर सुविधा सभी मरीजों को मिले. इसके लिए निजी क्लीनिक के चिकित्सकों से संपर्क कर ऐसे मरीजों की सूची उपलब्ध कराने को कहते हैं, ताकि उन्हें सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधाएं नियमानुसार उपलब्ध कराया जा सकें. अगर कोई मरीज किसी निजी क्लीनिक में इलाज करना चाहते हैं तो उन्हे समुचित जांच के साथ पोषण राशी भी उपलब्ध करायी जाती है. वे मरीजों से अपील करते हैं, इस बीमारी के दायरे में आने पर वह सीधा सरकारी स्वास्थ्य संस्थान ही आयें, क्योंकि टीबी का समुचित जांच और इलाज निःशुल्क सिर्फ सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में ही उपलब्ध है.

प्रश्न: किन आयु वर्ग के लोगों को टीबी का अधिक खतरा होता है, कोरोना संक्रमण काल में टीबी मरीजों को किन बातों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है.

उत्तर: टीबी बीमारी के दायरे में किसी भी आयु वर्ग के लोग आ सकते हैं. इसलिए हर आयु वर्ग के लोगों को इससे बचाव के लिए सतर्क और सावधान की जरूरी है. ऐसे मरीजों को मास्क का उपयोग, शारीरिक दूरी का पालन, साफ-सफाई का ख्याल समेत बचाव से संबंधित अन्य उपायों का पालन करना चाहिए. घर से निकलने के बाद भी टीबी रोगी को मास्क का उपयोग जरूर करना चाहिए.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajeev Murarai Sinha Sinha

Rajeev Murarai Sinha Sinha is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >