Bihar Degree College News: सूर्यगढ़ा (लखीसराय). बिहार सरकार की ओर से 15 जुलाई 2026 को 211 नए राजकीय डिग्री कॉलेजों का उद्घाटन किए जाने के बाद लखीसराय जिले के सूर्यगढ़ा में असंतोष खुलकर सामने आया है. नगर परिषद होने के बावजूद सूर्यगढ़ा को इस सूची में जगह नहीं मिलने से स्थानीय युवाओं, सामाजिक संगठनों और व्यापारिक संस्थाओं में नाराजगी है. लोगों का कहना है कि करीब 30 वर्षों से डिग्री कॉलेज की मांग लंबित है, लेकिन अब तक सिर्फ घोषणाएं और आश्वासन ही मिले हैं. उनका आरोप है कि कई बार सांसद और विधायक को आवेदन देने के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं हुई.
तीन दशक से अधूरी है डिग्री कॉलेज की मांग
स्थानीय लोगों के अनुसार सूर्यगढ़ा में डिग्री कॉलेज की मांग कोई नई नहीं है. पिछले करीब तीन दशकों से इस मुद्दे को लगातार उठाया जा रहा है.
सरकार की ओर से हर प्रखंड में उच्च शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही जाती रही है, लेकिन नगर परिषद सूर्यगढ़ा आज भी सरकारी डिग्री कॉलेज से वंचित है. लोगों का कहना है कि आसपास के कई छोटे प्रखंडों में कॉलेज खुल चुके हैं, जबकि सूर्यगढ़ा के विद्यार्थियों को अब भी दूसरे शहरों में पढ़ाई के लिए जाना पड़ता है.
आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों पर पड़ रहा सीधा असर
डिग्री कॉलेज नहीं होने का सबसे अधिक असर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र-छात्राओं पर पड़ रहा है. उच्च शिक्षा के लिए लखीसराय, बेगूसराय, मुंगेर या अन्य शहरों में जाना पड़ता है, जिससे परिवहन, आवास और पढ़ाई का खर्च बढ़ जाता है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई छात्र आर्थिक कारणों से आगे की पढ़ाई बीच में ही छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं. ऐसे में सूर्यगढ़ा में डिग्री कॉलेज की स्थापना शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए भी जरूरी है.
Bihar Degree College News: स्थानीय संगठनों ने सरकार से की तत्काल कार्रवाई की मांग
डिग्री कॉलेज संघर्ष समिति के संयोजक विमल वर्मा ने कहा कि सूर्यगढ़ा के साथ लगातार उपेक्षा की जा रही है. सांसद, विधायक और सरकार के समक्ष कई बार मांग रखी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया. उन्होंने कहा कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो युवा आंदोलन शुरू करने को विवश होंगे.
चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने कहा कि किसी भी क्षेत्र के विकास की नींव शिक्षा होती है. नगर परिषद जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में डिग्री कॉलेज का नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है.
समाजसेवी मुकेश मोदी ने कहा कि स्थानीय विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और सरकार को युवाओं की भावनाओं को समझते हुए शीघ्र डिग्री कॉलेज की स्वीकृति देनी चाहिए.
वाणिज्य संघ के अध्यक्ष प्रवीण राठौर ने कहा कि शिक्षा कोई सुविधा नहीं, बल्कि युवाओं का अधिकार है. सरकार को सूर्यगढ़ा के साथ हो रही उपेक्षा समाप्त कर जल्द डिग्री कॉलेज की घोषणा करनी चाहिए.
आंदोलन की चेतावनी, फैसले का इंतजार
स्थानीय युवाओं ने स्पष्ट कहा है कि यदि जल्द डिग्री कॉलेज की स्थापना को लेकर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा.
सूर्यगढ़ा के लोगों का मानना है कि उच्च शिक्षा की सुविधा केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक और बौद्धिक विकास की आधारशिला है. अब लोगों की नजर सरकार के अगले कदम पर टिकी है.
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