लखीसराय.
जिले में मंगलवार से आयोजित होने वाले राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर अभियान की शुरुआत एक दिन पूर्व सोमवार को डीएम मिथलेश मिश्र और सूर्यगढ़ा विधायक प्रहलाद यादव ने खगौर गांव स्थित केंद्रीय विद्यालय कार्यक्रम के दौरान कुछ बच्चों को अल्बेंडाजोल की दवा खिलाकर की. डीएम ने बच्चों को एल्बेंडाजोल दवा के फायदे के बारे में भी बारीकी से बताया. साथ ही कहा कि बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास, एनीमिया पर नियंत्रण, स्कूल में उपस्थिति बेहतर व आर्थिक उत्पादकता में सुधार के लिए जरूरी है. प्रभारी सीएस डॉ उमेश प्रसाद सिंह ने सदर अस्पताल परिसर से लोगों में जनजागरूकता के लिए सारथी रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस दौरान जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ एके भारती ने बताया कि 16 सितंबर से राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम और 19 सितंबर को मॉप अप दिवस आयोजित होगा. इसके साथ सभी सरकारी, निजी, नवोदय विद्यालय, मदरसा और आंगनबाड़ी केंद्र में एक से 19 साल के सभी बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाया जायेगा. इस बार जिले में कुल बच्चे की संख्या छह लाख 28 हजार 189 लक्ष्य निर्धारित किया गया है. 16 सितंबर को जो बच्चे दवा नहीं खायेंगे, उन्हें 19 सितंबर के दिन मॉपअप में एलबेंडाजोल दवा खिलाया जायेगा. इस अभियान की सफलता के लिए प्रचार प्रसार सामग्री, दवा का उठाव और रिपोर्टिंग प्रपत्र सभी स्कूल एवं आंगनबाड़ी केंद्र पर उपलब्ध कराया जा चुका है. बताया कि मिट्टी से फैलने वाला क्रीमी यानी परजीवी क्रीमियो का एक समूह है, जो दूषित मिट्टी या पानी से इंसानों में फैलता है. यह कृमि आंतों में रहते हैं और कुपोषण, एनीमिया, शारीरिक विकास में बाधा उत्पन्न करता है. जिससे बच्चों का स्कूल में उपस्थिति कम हो जाती है. दवा सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि, स्वास्थ्य एवं पोषण में सुधार, खून की कमी में सुधार, सीखने की क्षमता एवं स्कूल में उपस्थिति बेहतर के साथ कार्य क्षमता और औसत आय में वृद्धि होता है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
