महिला सशक्तिकरण की अग्रदूत थी सावित्री बाई फुले: पीयूष झा

महिला शिक्षा की अग्रदूत, देश की अग्रणी महिला शिक्षिका लोक माता सावित्रीबाई फुले की 195वीं जयंती धूमधाम से मनायी गयी

बड़हिया. महिला शिक्षा की अग्रदूत, देश की अग्रणी महिला शिक्षिका लोक माता सावित्रीबाई फुले की 195वीं जयंती धूमधाम से मनायी गयी. प्रखंड के लक्ष्मीपुर पंचायत अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय मुसहरी टोला दरियापुर में शनिवार को जयंती मनायी गयी. प्रधान शिक्षक पीयूष कुमार झा की देखरेख में आयोजित जयंती कार्यक्रम की अध्यक्षता वरीय शिक्षिका अनिमा कुमारी झा ने की तथा संचालन विद्यालय के बाल संसद की प्रधानमंत्री शबनम कुमारी ने किया. इस अवसर पर छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए प्रधान शिक्षक पीयूष कुमार झा ने कहा कि लोकमाता सावित्रीबाई फुले का जन्म तीन जनवरी 1831 को हुआ. उन्होंने अपने पति महात्मा ज्योतिबा फुले के साथ मिलकर महाराष्ट्र में पहली बालिका पाठशाला की स्थापना की, जिससे बालिकाओं को सुलभ रुप शिक्षा मिलनी प्रारंभ हुई. लोकयात्रा सावित्रीबाई फुले महिला सशक्तिकरण की अग्रदूत थी, जिनके भागीरथी प्रयास से वंचितों व शोषितों खासकर बालिकाओं के बीच ज्ञान का प्रकाश फैला. इस अवसर पर सभी शिक्षकों एवं छात्रों के द्वारा सावित्रीबाई फुले के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया गया. इस अवसर पर शिक्षिका शशि कुमारी, मुन्नी कुमारी, प्रियंका कुमारी,पावो देवी, शुभम् कुमार, सन्नी कुमार आदि उपस्थित थे. कार्यक्रम का समापन वंदे मातरम् के सामूहिक गान से हुआ. ——————————————-

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By Rajeev Murarai Sinha Sinha

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