पुण्यतिथि पर याद किये गये राष्ट्रगान के रचयिता रवींद्र नाथ टैगोर

रवींद्रनाथ टैगोर ने कोलकाता में शांति निकेतन संस्थान की स्थापना कर साहित्य का प्रचार-प्रसार किया गया

प्राथमिक विद्यालय मुसहरी टोला दरियापुर में छात्र-छात्राओं ने किया नमन

बड़हिया. प्रखंड के आदर्श लक्ष्मीपुर पंचायत अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय मुसहरी टोला दरियापुर में गुरुवार को नोबेल पुरस्कार से सम्मानित प्रथम भारतीय राष्ट्रगान के रचयिता गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की 84वीं पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया गया. प्रधान शिक्षक पीयूष कुमार झा की देखरेख में आयोजित पुण्यतिथि कार्यक्रम में सभी छात्र-छात्राओं ने पुष्पांजलि अर्पित की. इस अवसर पर छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए प्रधान शिक्षक पीयूष कुमार झा ने कहा कि गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर प्रथम भारतीय थे, जिन्हें साहित्य के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार प्रदान किये. इनके द्वारा भारत का राष्ट्रगान जन-गण-मन एवं बांग्लादेश का राष्ट्रगान आमार सोनार बांग्ला की रचना की गयी. रवींद्र नाथ टैगोर दुनिया के इकलौते व्यक्ति हैं, जिनके द्वारा रचित गान को दो देशों ने राष्ट्रगान के रूप में अंगीकार किया. रवींद्रनाथ टैगोर ने कोलकाता में शांति निकेतन संस्थान की स्थापना कर साहित्य का प्रचार-प्रसार किया गया. 1919 में जलियांवाला बाग हत्याकांड की दर्दनाक घटना के बाद इन्होंने ब्रिटिश सरकार द्वारा दी गयी नाइटहुड की उपाधि को वापस कर दिया गया था. इस अवसर पर शिक्षिका शशि कुमारी, अनिमा कुमारी झा, मुन्नी कुमारी एवं प्रियंका कुमारी सहित बाल संसद के सभी सदस्य उपस्थित थे. कार्यक्रम का समापन राष्ट्र गान जन-गण-मन के सामूहिक गान से हुआ.

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By Rajeev Murarai Sinha Sinha

Rajeev Murarai Sinha Sinha is a contributor at Prabhat Khabar.

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