प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना सरकार की प्राथमिकता

शिक्षा से वंचित बच्चों को मुख्यधारा में लाने के लिए पहल करते हुए शनिवार को बीआरसी भवन बड़हिया में गैर आवासीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया

बड़हिया में शिक्षकों का दिया गया प्रशिक्षण

बड़हिया.

शिक्षा से वंचित बच्चों को मुख्यधारा में लाने के लिए पहल करते हुए शनिवार को बीआरसी भवन बड़हिया में गैर आवासीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य छह से 19 वर्ष आयु वर्ग के विद्यालय से बाहर रह गये बच्चों की पहचान कर उन्हें पुनः शिक्षा से जोड़ना है. प्रशिक्षण में बड़हिया शिक्षांचल के अंतर्गत आने वाले सभी प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों के प्रधानाध्यापक तथा नोडल शिक्षक शामिल हुए. इस अवसर पर प्रशिक्षक सुजीत कुमार एवं संजीत कुमार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के तहत हाउसहोल्ड सर्वे के महत्व, प्रक्रिया और क्रियान्वयन पर विस्तृत जानकारी दी. प्रशिक्षकों ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है. बच्चों को शिक्षा का मौलिक अधिकार है, इसके बावजूद विभिन्न कारणों से कई बच्चे विद्यालय से बाहर रह जाते हैं. उन्होंने बताया कि ऐसे बच्चों का नामांकन कराया जायेगा. वहीं 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग के स्कूल नहीं जा रहे बच्चों को भी चिन्हित किया जायेगा, जो 10वीं या 12वीं की शिक्षा पूरी नहीं कर पाये हैं. किसी भी बच्चों को हर हाल में शिक्षा पूरी करनी चाहिए. कार्यक्रम में नागेंद्र प्रसाद, दिनेश कुमार, रौशन कुमार, केएल सहगल, रौशन ठाकुर, जय कुमार, ललन कुमार, ओंकार प्रसाद, सोनी कुमारी, नीतू कुमारी, सुधांशु कुमार, सोहन कुमार, मनीष कुमार, इंद्रदेव पासवान, रामदुलार कुमार सहित कई शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहीं.

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By Rajeev Murarai Sinha Sinha

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