फाइलेरिया उन्मूलन के लिए 28 अगस्त से नाईट ब्लड सर्वे

फाइलेरिया उन्मूलन के लिए जिले में नाइट ब्लड सर्वे 28 अगस्त से शुरू किया जाना है

लखीसराय.

फाइलेरिया उन्मूलन के लिए जिले में नाइट ब्लड सर्वे 28 अगस्त से शुरू किया जाना है. जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ राकेश कुमार ने बताया कि इस अभियान को लेकर राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी द्वारा पत्र जारी कर निर्देश दिया गया है. जिले में नाइट ब्लड सर्वे की तैयारी शुरू कर दी गयी है. जो जिले के कुल के सातों प्रखंड के चयनित स्थलों पर रात में कैंप लगाकर किया जाना है. डॉ राकेश कुमार ने बताया कि नाइट ब्लड सर्वे एक ऐसा सर्वेक्षण है जो फाइलेरिया नामक बीमारी की जांच के लिए किया जाता है. यह सर्वेक्षण रात में किया जाता है, क्योंकि फाइलेरिया के परजीवी जिसे माइक्रोफिलेरिया कहते हैं, ये परजीवी सिर्फ रात में ही रक्त में सक्रिय होते हैं. इस सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य यह जानना है कि किसी क्षेत्र में फाइलेरिया से संक्रमित लोगों की संख्या कितनी है. उन्होंने बताया की यह सर्वेक्षण फाइलेरिया के उन्मूलन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है. यह सुनिश्चित करता है कि बीमारी से प्रभावित लोगों की पहचान की जाय और उन्हें समय पर उपचार प्रदान किया जाय. जिला वेक्टर जनित रोग सलाहकार नरेंद्र कुमार बताते हैं कि फाइलेरिया रोग मादा क्यूलेस मच्छर के काटने से फैलता है. फाइलेरिया दुनिया भर में दीर्घकालिक दिव्यांगता के प्रमुख कारणों में से एक है. आमतौर पर बचपन में होने वाला यह संक्रमण लिम्फैटिक सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है और अगर इससे बचाव न किया जाय तो इससे शारीरिक अंगों में असामान्य सूजन होती है. फाइलेरिया के कारण चिरकालिक रोग जैसे; हाइड्रोसील (अंडकोष की थैली में सूजन), लिम्फेडेमा (अंगों की सूजन) से ग्रसित लोगों को अत्यंत कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी आजीविका व काम करने की क्षमता भी प्रभावित होती है.

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By Rajeev Murarai Sinha Sinha

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