बड़हिया में वसंतोत्सव का उल्लास संपन्न: खोइछा भराई के बाद नम आंखों से श्रद्धालुओं ने विदा की विद्या की देवी
बड़हिया. वसंत पंचमी के तीसरे दिन रविवार को विद्या, बुद्धि व कला की देवी मां वीणा वादिनी सरस्वती को नम आंखों से भावपूर्ण विदाई दी गयी. विसर्जन से पूर्व सुहागिन महिलाओं ने परंपरागत खोइछा भराई की रस्म अदा कर मां से आशीर्वाद लिया. बड़हिया प्रखंड एवं नगर क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों सहित विभिन्न इलाकों में स्थापित मां सरस्वती की अधिकांश प्रतिमाओं का विसर्जन रविवार को गंगा घाटों एवं पोखरों में श्रद्धा व विधि-विधान के साथ किया गया. रविवार की सुबह से ही नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में विसर्जन शोभायात्रा का सिलसिला शुरू हो गया, जो देर शाम तक चलता रहा. विभिन्न पूजा समितियों द्वारा अलग-अलग निकाली गयी. विसर्जन शोभायात्रा में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, युवा व श्रद्धालु शामिल हुए. ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच श्रद्धालु नाचते-थिरकते, एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाते हुए “जय मां सरस्वती” के जयघोष के साथ गंगा घाट तक पहुंचे. घाटों पर मां सरस्वती की विधिवत पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया. विसर्जन यात्रा के दौरान युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला और जमकर अबीर-गुलाल उड़ाया गया. वहीं किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा और विसर्जन स्थल से लेकर शोभायात्रा मार्गों पर विशेष निगरानी बनाये रखी गयी. मां सरस्वती के विसर्जन के साथ ही क्षेत्र में वसंतोत्सव का उल्लासपूर्ण पर्व श्रद्धा, सौहार्द व शांति के साथ संपन्न हो गया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
