नौ दिनों तक चलने वाली रामकथा में पहले दिन चार बजे से सात बजे तक होगी रामकथा
रविवार से सुबह दस बजे से दिन के डेढ़ बजे तक रामकथा का होगा आयोजन
आयोजकों द्वारा कथा सुनने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रखी गयी प्रसाद की व्यवस्था
लखीसराय. प्रसिद्ध कथावाचक मोरारी बापू की 970वीं रामकथा का आयोजन शनिवार तीन जनवरी से अशोक धाम में प्रारंभ होगा. बिहार की भूमि पर मोरारी बापू की यह 15वीं रामकथा होगी, जबकि लखीसराय की धरती पर यह पहली रामकथा होगी. प्रथम दिन रामकथा का आयोजन संध्या चार बजे से सात बजे तक होगा. जबकि चार से 11 जनवरी तक राकथा प्रतिदिन प्रात: दस बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक आयोजित की जायेगी. उपरोक्त बातों की जानकारी अशोक धाम मंदिर के कार्यालय कक्ष में आयोजन समिति के द्वारा एक प्रेस वार्ता कर दी गयी. जिसमें आयोजन समिति के सदस्य राजेंद्र सिंघानियां, डॉ प्रवीण कुमार सिन्हा, अभिषेक कनोडिया, कृष्ण कुमार जालान एवं जिला प्रशासन की ओर से बनाये गये नोडल पदाधिकारी सह जिला कला संस्कृति पदाधिकारी मृणाल रंजन उपस्थित थे. आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि इस रामकथा का सीधा प्रसारण आस्था चैनल के माध्यम से भी किया जायेगा. वहीं उन्होंने बताया कि सभी अशोक धाम में आने वाले श्रोताओं के लिए प्रसाद की निशुल्क व्यवस्था रहेगी. मोरारी बापू का आगमन दो जनवरी की दोपहर में होगा. उन्होंने बताया कि अशोक धाम में आयोजित होने वाली इस रामकथा का आयोजन नवल जी कनोडिया परिवार ने किया है. जो मूल रूप से इसी क्षेत्र के निवासी हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
