Lakhisarai News: लखीसराय. जिला समाहरणालय स्थित मंत्रणा कक्ष में गुरुवार को जिला स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ जेपी सिंह ने की. इस दौरान सदर अस्पताल सहित जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की गई. सिविल सर्जन ने स्पष्ट कहा कि मरीजों के इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी.
मरीजों को समय पर मिले जांच, उपचार और दवाएं
बैठक में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की गई. अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि मरीजों को समय पर जांच, उपचार और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जाएं. अस्पताल परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था को भी बेहतर बनाए रखने पर जोर दिया गया.
बायो मेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण पर जोर
स्वास्थ्य संस्थानों से निकलने वाले जैव चिकित्सा अपशिष्ट के प्रबंधन को लेकर विशेष निर्देश दिए गए. अधिकारियों से कहा गया कि बायो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण निर्धारित मानकों के अनुसार ही किया जाए. मेडिकल कचरे को सामान्य कचरे से अलग रखने और उसके सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया.
स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
सिविल सर्जन डॉ जेपी सिंह ने कहा कि जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को अपने-अपने संस्थानों की व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया.
एनसीडी इकाई के प्रतिनिधि की अनुपस्थिति पर सवाल
बैठक में गैर-संचारी रोग यानी एनसीडी इकाई के प्रतिनिधि की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय रही. सदर अस्पताल समेत जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में मधुमेह, उच्च रक्तचाप और अन्य गैर-संचारी रोगों की जांच एवं उपचार में एनसीडी इकाई की महत्वपूर्ण भूमिका है. ऐसे में समीक्षा बैठक में इकाई के प्रतिनिधि के मौजूद नहीं रहने को लेकर सवाल उठे.
अधिकारी और स्वास्थ्य कर्मी रहे मौजूद
Lakhisarai News: बैठक में डीआईओ डॉ एके भारती, डीपीएम सुधांशु नारायण लाल सहित जिले के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे. अधिकारियों ने स्वास्थ्य संस्थानों की व्यवस्थाओं में सुधार और मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देशों पर चर्चा की.
