Suryagarha Sahyog Shivir : सूर्यगढ़ा प्रखंड के काबादपुर पंचायत अंतर्गत मानिकपुर आजाद चौक पुस्तकालय के समीप मंगलवार को जिला प्रशासन की ओर से सहयोग शिविर का आयोजन किया गया. शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना तथा उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना था. सुबह से ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी-अपनी समस्याओं और शिकायतों को लेकर शिविर पहुंचे. लोगों की सुविधा के लिए विभिन्न विभागों के कुल 14 स्टॉल लगाए गए थे, जहां संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मियों ने आवेदन प्राप्त किए और योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी.
14 विभागों के स्टॉल पर सुनी गईं ग्रामीणों की समस्याएं
शिविर में लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टॉल पर ग्रामीणों ने राशन, पेंशन, आवास, सामाजिक सुरक्षा, राजस्व, कृषि, शिक्षा और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी समस्याओं के आवेदन दिए. संबंधित विभागों के अधिकारियों ने आवेदन प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया. साथ ही पात्र लाभुकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध कराई गई.
पीएचईडी विभाग का स्टॉल नहीं लगने से बढ़ी नाराजगी
शिविर में पीएचईडी विभाग का स्टॉल नहीं लगाए जाने से ग्रामीणों में असंतोष देखने को मिला. पंचायत की मुखिया नीलम देवी के प्रतिनिधि शैलेंद्र कुमार ने बताया कि पीएचईडी विभाग के कर्मियों ने पहले शिविर में शामिल होने की जानकारी दी थी, लेकिन विभाग का स्टॉल नहीं लग सका. ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति, खराब चापाकलों और जलापूर्ति योजनाओं से जुड़ी कई समस्याएं हैं. यदि पीएचईडी विभाग का स्टॉल रहता तो लोग सीधे अपनी शिकायत दर्ज कर समाधान की दिशा में पहल कर सकते थे.
स्वास्थ्य जांच शिविर में लोगों ने उठाया लाभ
सहयोग शिविर के दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया गया. यहां चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने लोगों की स्वास्थ्य जांच की और जरूरतमंद मरीजों को नि:शुल्क दवाएं उपलब्ध कराईं. ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर गांव स्तर पर समय-समय पर आयोजित होने चाहिए.
समस्याओं के समाधान का दिया गया भरोसा
शिविर में मौजूद विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा प्राप्त आवेदनों पर नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया. जिला प्रशासन की ओर से कहा गया कि ऐसे सहयोग शिविरों का उद्देश्य सरकारी सेवाओं और योजनाओं को गांव स्तर तक पहुंचाना तथा लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है.
