चानन के कुंदर गांव से पर्यावरण भारती ने किया प्राकृतिक बीज का संग्रह शुरू
लखीसराय. पर्यावरण संरक्षण को लेकर पर्यावरण भारती द्वारा चानन प्रखंड में कुंदर गांव प्राकृतिक बीज संग्रह अभियान का शुभारंभ किया गया. अभियान का नेतृत्व संजीव कुमार ने किया. मौके पर पर्यावरण भारती के संस्थापक सह पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के प्रांत संयोजक तथा अखिल भारतीय पेड़ उपक्रम टोली सदस्य राम विलास शांडिल्य ने कहा कि संसार में 33 प्रतिशत जंगल अनिवार्य है, परंतु धरती पर केवल 15 प्रतिशत ही जंगल बचा है.स्वार्थी मानव ने जंगलों की अंधाधुंध कटाई किया है. परिणामस्वरूप ग्लोबल वार्मिंग से मानव जीवन परेशान है. ओजोन में छिद्र होने से ही पर्यावरण संकट में है. भारत में भगवान शिव जी की पूजा धूमधाम से करते हैं. समुद्र मंथन में विष भी निकला था, उसे कोई पीना नहीं चाहते थे. भगवान शंकर जी ने मानव कल्याण के लिए विषपान किया. अतः उन्हें नीलकंठ महादेव भी कहा जाता है. धरती पर वृक्ष भी जहरीली गैस कार्बन डाइऑक्साइड को ग्रहण कर मानव जीवन के लिए ऑक्सीजन निशुल्क प्रदान करते हैं. अतः वृक्ष भी संसार में भगवान महादेव जी जैसा कार्य करते हैं. इसलिए भारत में वृक्षों की पूजा किया जाता है. धरती पर प्राकृतिक बीजों का अभाव हो रहा है. अतः नये पौधों के लिए प्राकृतिक बीज संग्रह अभियान का शुभारंभ किया गया है. किसानों के माध्यम से ही ‘बीजारोपण से वृक्षारोपण’ अभियान सफल होगा. पर्यावरण संरक्षण के पुनीत कार्य में सुनील कुमार सिंह, संजीत कुमार यादव, प्रिंस कुमार, संजीव कुमार, पप्पू कुमार, राधिका कुमारी, गुलशन कुमार, साधु प्रसाद, पीयूष, आशीष, मनीष, आयुष आदि ने भाग लिये.
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