लखीसराय में धान की रोपनी ने पकड़ी रफ्तार, 92% लक्ष्य पूरा, बंपर पैदावार की उम्मीद से किसानों में खुशी

लखीसराय जिले में खरीफ सीजन में धान की खेती को लेकर किसानों के चेहरे पर खुशी है. समय पर बारिश और मानसून के सक्रिय रहने से धान की रोपनी का काम तेजी से पूरा हुआ है, जिसमें 92% लक्ष्य हासिल किया जा चुका है. मक्का की खेती भी उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन कर रही है.

लखीसराय जिले में इस खरीफ सीजन धान की खेती को लेकर किसानों के चेहरे पर रौनक नजर आ रही है. समय पर बारिश और मानसून के सक्रिय रहने से खेतों में पर्याप्त पानी उपलब्ध है और धान की रोपनी का काम तेजी से पूरा हुआ है. कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार 16 अगस्त तक जिले में धान की रोपनी का करीब 92 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया है. विभाग को उम्मीद है कि अगले एक-दो दिनों में शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा हो जायेगा.

43,428 हेक्टेयर के लक्ष्य में 39,778 हेक्टेयर में रोपनी

खरीफ महोत्सव 2026-27 के तहत जिले में 43,428 हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया था. इसके विरुद्ध अब तक 39,778 हेक्टेयर में धान की रोपनी पूरी हो चुकी है. समय पर बारिश होने के कारण किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त परेशानी नहीं उठानी पड़ी. खेतों में पर्याप्त नमी और पानी उपलब्ध रहने से रोपनी का काम भी तेजी से आगे बढ़ा.

99 प्रतिशत खेतों में तैयार हुआ धान का बिचड़ा

धान की खेती के लिए इस बार 4,288 हेक्टेयर में बिचड़ा गिराने का लक्ष्य रखा गया था. इसके मुकाबले किसानों ने 4,269 हेक्टेयर में बिचड़ा गिराया, जो करीब 99 प्रतिशत है. समय पर बिचड़ा तैयार होने के बाद किसानों ने तेजी से रोपनी शुरू की. अब अधिकांश इलाकों में धान के पौधे खेतों में लहलहाने लगे हैं.

अगले 20 दिन फसल के लिए अहम

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल खेतों में धान की फसल की स्थिति अच्छी बनी हुई है. यदि अगले 20 दिनों तक मौसम अनुकूल रहा और पौधों की बढ़वार इसी तरह जारी रही तो बाद में होने वाली अधिक बारिश का फसल पर अपेक्षाकृत कम असर पड़ सकता है. मानसून का साथ बना रहा तो इस बार जिले में धान की अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है.

मक्का ने पार किया खेती का लक्ष्य

मोटे अनाज की खेती में इस बार मक्का किसानों की पहली पसंद बनकर सामने आया है. कृषि विभाग ने जिले में 7,715 हेक्टेयर में मक्का की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया था, जबकि किसानों ने 7,821 हेक्टेयर में मक्का की खेती की है. यानी मक्का का रकबा निर्धारित लक्ष्य से भी आगे निकल गया है.

वहीं बाजरा, ज्वार और चीना जैसी अन्य मोटे अनाज की फसलों की खेती लक्ष्य के अनुरूप नहीं हो सकी. विभाग की ओर से मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन सभी प्रकार के मोटे अनाज के लिए जिले में पर्याप्त उपयुक्त खेत उपलब्ध नहीं हैं.

एक-दो दिन में पूरा होगा धान रोपनी का लक्ष्य

जिला कृषि पदाधिकारी कुंदन कुमार ने बताया कि धान की रोपनी का लक्ष्य लगभग प्राप्त कर लिया गया है. एक-दो दिनों में शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा होने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि मोटे अनाज के लिए भी लक्ष्य निर्धारित किया गया है, लेकिन जिले में सभी प्रकार के मोटे अनाज की खेती के लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध नहीं है. हालांकि, मक्का की खेती इस बार लक्ष्य से अधिक हुई है.


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By Prabhat khabar news desk

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