Lakhisarai News: लखीसराय में पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को नई दिशा देने वाली प्रस्तावित परियोजना को लेकर कवायद तेज हो गयी है. चानन अंचल के गोपालपुर मौजा में करीब 80 एकड़ जमीन पर सीमेन सेंटर स्थापित करने की तैयारी चल रही है. मंगलवार को राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी), आनंद की टीम ने प्रस्तावित स्थल का संयुक्त निरीक्षण किया.
एनडीडीबी के महाप्रबंधक शशि के नेतृत्व में पहुंची टीम ने जमीन की स्थिति का जायजा लेने के साथ उसकी नापी और सीमांकन कराया. परियोजना के लिए जमीन की सीमा स्पष्ट करने के उद्देश्य से पिलर लगाने का काम भी शुरू कराया गया.
79.92 एकड़ सरकारी जमीन का हुआ निरीक्षण
अधिकारियों ने चानन अंचल के मौजा-रजौन, थाना संख्या-47, खाता संख्या-192 और खेसरा संख्या-1130 में स्थित सरकारी जमीन का विस्तृत निरीक्षण किया. उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार यहां कुल 79.92 एकड़ जमीन प्रस्तावित सीमेन सेंटर के लिए चिन्हित की गयी है.
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जमीन की चौहद्दी, भौगोलिक स्थिति और परियोजना के लिहाज से उसकी उपयोगिता की जानकारी ली. अंचल कर्मियों से जमीन से जुड़े जरूरी दस्तावेजों और अन्य बिंदुओं पर भी जानकारी प्राप्त की गयी.
संयुक्त टीम ने मौके पर की नापी और सीमांकन
स्थल निरीक्षण केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहा. टीम ने जमीन की नापी कराकर उसके सीमांकन की प्रक्रिया शुरू करायी. जमीन की सीमा निर्धारित करने के लिए पिलर लगाने का काम भी शुरू किया गया.
इससे परियोजना के लिए चिन्हित भूमि का क्षेत्र स्पष्ट होगा और आगे निर्माण से जुड़ी प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है.
किन अधिकारियों ने किया निरीक्षण
संयुक्त निरीक्षण टीम में एनडीडीबी के अधिकारियों के अलावा बिहार राज्य मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड (कॉम्फेड) बरौनी-पटना के प्रबंध निदेशक, लखीसराय जिला डेयरी विकास पदाधिकारी मनोज कुमार, चानन के अंचलाधिकारी रवि प्रसाद और मुखिया प्रतिनिधि शशिभूषण राय शामिल थे.
मौके पर अमीन राकेश कुमार, जदयू कार्यकर्ता रघुवीर मंडल, विकास कुमार, अजय कुमार सहित अंचल के कई कर्मी भी मौजूद रहे.
सीमेन सेंटर बनने से किसानों को क्या फायदा होगा?
प्रस्तावित सीमेन सेंटर के निर्माण से लखीसराय के साथ आसपास के जिलों में पशुपालन और डेयरी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. उन्नत नस्ल के पशुओं के लिए बेहतर प्रजनन सुविधा उपलब्ध होने से पशुपालकों को लाभ मिल सकता है.
पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है. ऐसे में बेहतर नस्ल और वैज्ञानिक पशु प्रजनन सुविधाओं की उपलब्धता से दूध उत्पादन बढ़ाने में मदद मिल सकती है. इसका सीधा लाभ उन किसानों और पशुपालकों को मिलने की संभावना है, जो पशुपालन को आय के अतिरिक्त साधन के रूप में अपनाते हैं.
Lakhisarai News: परियोजना को लेकर बढ़ी उम्मीद
गोपालपुर मौजा में जमीन का संयुक्त निरीक्षण और सीमांकन शुरू होने से प्रस्तावित सीमेन सेंटर की स्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ती दिखाई दे रही है. अब जमीन से जुड़े तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं के बाद परियोजना के अगले चरण की कार्रवाई की उम्मीद है.
स्थानीय स्तर पर भी इस परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसके शुरू होने से पशुपालन से जुड़े किसानों को अपने क्षेत्र में ही उन्नत सुविधाएं मिलने का रास्ता खुल सकता है.
Also Read: अक्टूबर से फिर बिहार के लोगों के बीच जाएंगे नीतीश कुमार? संजय झा से मुलाकात के बाद बढ़ी सियासी हलचल
Also Read: पटना नगर निगम ने अपने ही मेयर को थमाया नोटिस, 26 हजार आवासीय संपत्तियों पर सीलिंग का खतरा
