Lakhisarai News: सावन की तीसरी सोमवारी को हुई दर्दनाक भगदड़ के बाद मंगलवार को प्रसिद्ध श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर, अशोक धाम में स्थिति पूरी तरह सामान्य रही. सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही और लोगों ने कतार में लगकर बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक किया. मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक सख्त नजर आयी.
हादसे के बाद मंगलवार का दिन प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट के लिए यह देखने का भी था कि श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच व्यवस्था किस तरह संचालित होती है. सुरक्षा इंतजामों के बीच श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्ण माहौल में दर्शन-पूजन किया और सुख-समृद्धि की कामना की.
कतार में लगकर श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक
मंगलवार सुबह से ही श्रद्धालु मंदिर पहुंचने लगे थे. मंदिर परिसर में लोगों की आवाजाही सामान्य रही. श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से दर्शन और जलाभिषेक कराया गया.
तीसरी सोमवारी की घटना के बाद श्रद्धालुओं के मन में सुरक्षा को लेकर चिंता स्वाभाविक थी, लेकिन मंगलवार को मंदिर पहुंचे लोगों ने व्यवस्था को लेकर संतोष जताया. परिसर में पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर निगरानी भी रखी गयी.
हादसे के बाद प्रशासन ने बढ़ायी सतर्कता
तीसरी सोमवारी को हुई घटना में सात महिला श्रद्धालुओं की मौत और दो दर्जन से अधिक लोगों के घायल होने के बाद प्रशासन ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की है. घटना से सबक लेते हुए मंदिर परिसर और आसपास सुरक्षा इंतजामों को मजबूत किया गया है.
प्रशासन का फोकस अब इस बात पर है कि श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की स्थिति में प्रवेश, निकास और कतार व्यवस्था सुचारु बनी रहे. भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी आपात स्थिति से निबटने को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है.
चौथी सोमवारी को लेकर विशेष तैयारी
सावन की चौथी सोमवारी को एक बार फिर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के अशोक धाम पहुंचने की संभावना है. इसे देखते हुए जिला प्रशासन और अशोक धाम मंदिर ट्रस्ट ने विशेष तैयारी शुरू कर दी है.
प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष गाइडलाइंस तैयार की गयी हैं. भीड़ बढ़ने पर व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए सुरक्षा और प्रबंधन से जुड़े इंतजामों को पहले से दुरुस्त किया जा रहा है.
Lakhisarai News: श्रद्धालुओं से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें. दर्शन और जलाभिषेक के दौरान कतार व्यवस्था का पालन करें तथा प्रशासन और मंदिर प्रबंधन के निर्देशों में सहयोग करें.
हादसे के बाद मंदिर में मंगलवार को सामान्य माहौल लौटना प्रशासन के लिए राहत की बात रही. अब सबसे बड़ी चुनौती चौथी सोमवारी पर संभावित भीड़ के बीच इसी व्यवस्था को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से बनाए रखना है.
Also Read: अक्टूबर से फिर बिहार के लोगों के बीच जाएंगे नीतीश कुमार? संजय झा से मुलाकात के बाद बढ़ी सियासी हलचल
Also Read: पटना नगर निगम ने अपने ही मेयर को थमाया नोटिस, 26 हजार आवासीय संपत्तियों पर सीलिंग का खतरा
