लखीसराय से अजीत सिंह की रिपोर्ट:
Lakhisarai Bypass ROB: लखीसराय बाइपास पर स्थित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) की संरचनात्मक स्थिति चिंताजनक पाए जाने के बाद जिला प्रशासन ने इसकी तत्काल मरम्मत और सुदृढ़ीकरण की मांग की है. जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने पथ निर्माण विभाग, बिहार सरकार के सचिव को पत्र लिखकर पुल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शीघ्र कार्रवाई का आग्रह किया है.
आईआईटी पटना की जांच में मिली गंभीर खामियां
आईआईटी पटना द्वारा कराए गए स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट में आरओबी के कई गर्डरों में शियर क्रैक तथा पॉट-पीटीएफई बेयरिंग में भारी क्षरण पाया गया था. रिपोर्ट मिलने के बाद प्रशासन ने एहतियातन पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही पर तत्काल रोक लगा दी थी. सुरक्षा के मद्देनजर पुल के दोनों ओर हाइट गेज भी स्थापित कर दिए गए हैं, ताकि बड़े वाहन पुल पर प्रवेश न कर सकें.
भारी वाहनों के लिए लागू किया गया नया डायवर्जन प्लान
पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही बंद होने के बाद प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए हैं. पटना से मुंगेर जाने वाले वाहनों की आवाजाही पहले की तरह सामान्य रहेगी. वहीं पटना और मोकामा से शेखपुरा या जमुई जाने वाले भारी वाहन मोकामा-बरबीघा मार्ग से होकर गुजरेंगे.
मुंगेर से शेखपुरा और जमुई जाने वाले वाहनों को सूर्यगढ़ा-सिकंदरा मार्ग का उपयोग करना होगा. इसी प्रकार शेखपुरा और जमुई से पटना या मुंगेर जाने वाले वाहनों को भी निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का पालन करना अनिवार्य किया गया है. मुख्य बाजार क्षेत्र में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी.
रात में शहर के भीतर बढ़ रहा यातायात दबाव
पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट के अनुसार रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक नो-एंट्री हटने के बाद भारी वाहनों को विद्यापीठ चौक से जमुई मोड़ तक दोनों दिशाओं में एक-एक घंटे के अंतराल पर बारी-बारी से निकाला जा रहा है.
रेलवे स्टेशन और मुख्य बाजार शहर के बीच स्थित होने के कारण देर रात तक लोगों की आवाजाही बनी रहती है. ऐसे में भारी वाहनों की तेज रफ्तार से दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है. पुलिस का कहना है कि पहले भी इस मार्ग पर कई सड़क हादसे हो चुके हैं.
शहर में आठ स्थानों पर बनेंगे स्पीड ब्रेकर
रफ्तार पर नियंत्रण और सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पुलिस प्रशासन ने शहर के आठ संवेदनशील स्थलों पर स्पीड ब्रेकर बनाने का प्रस्ताव दिया है. इनमें लखीसराय थाना चौक, प्रखंड कार्यालय के सामने, छोटी दुर्गा स्थान, रेलवे स्टेशन के दोनों ओर, पचना मोड़, बड़ी दुर्गा स्थान, अष्टघट्टी मोड़ तथा सर्किट हाउस मोड़ शामिल हैं.
प्रशासन का कहना है कि आरओबी की मरम्मत पूरी होने तक वर्तमान डायवर्जन प्लान और गति नियंत्रण संबंधी सभी नियम प्रभावी रहेंगे.
