बड़हिया (लखीसराय). गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि के बाद लखीसराय जिले के बड़हिया प्रखंड अंतर्गत खुटहा गांव में बाढ़ की स्थिति भयावह होती जा रही है. खेत-खलिहान के बाद अब आबादी वाले इलाके में भी बाढ़ का पानी प्रवेश करने लगा है. स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार खुटहा पूर्वी और खुटहा पश्चिमी पंचायत पूरी तरह बाढ़ से प्रभावित है. खुटहा पूर्वी पंचायत के वार्ड संख्या 6, 8, 9 और 11 में लोगों के घरों में पानी घुस गया है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.
ग्रामीणों का आरोप- नहीं शुरू हुआ राहत कार्य
भाजपा कार्यकर्ता राजीव कुमार ने बताया कि पूरा खुटहा गांव बाढ़ की चपेट में है, लेकिन प्रशासन द्वारा अब तक राहत एवं बचाव कार्य शुरू नहीं किया गया है. न तो सरकारी नाव की व्यवस्था की गई है, न ही पशुपालकों के लिए मवेशियों के चारे की व्यवस्था हो पाई है. बाढ़ पीड़ितों को तिरपाल तक उपलब्ध नहीं कराया गया है. ग्रामीणों ने बताया कि किसानों की सब्जी, मक्का सहित अन्य फसलें पूरी तरह बाढ़ की भेंट चढ़ गई हैं. पिछले कई सीजन से फसल क्षति का मुआवजा भी नहीं मिला है. ग्रामीण क्षेत्र के बाढ़ पीड़ितों की सुध लेने वाला कोई नहीं है. वरीय अधिकारी शहरी इलाके का दौरा कर लौट जा रहे हैं. बताया गया कि एक दिन पूर्व कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा के क्षेत्रीय दौरे के दौरान किसानों ने उनसे इसकी शिकायत की थी, जिस पर मंत्री ने हर संभव सहयोग का भरोसा दिया था.
प्रशासन ने कहा- स्थिति पर नजर
वहीं इस मामले में बड़हिया अंचलाधिकारी प्रियंका कुमारी ने बताया कि उन्होंने शनिवार को खुद खुटहा गांव जाकर स्थिति का जायजा लिया है. उन्होंने कहा कि अभी आबादी वाला क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित नहीं हुआ है, खेतों में पानी है. 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में कमी आने की संभावना है. सीओ ने बताया कि शनिवार को खुटहा के अलावा लक्ष्मीपुर और जैतपुर गांव में भी बाढ़ की स्थिति देखी गई है. वहां अभी आबादी प्रभावित नहीं है. एक दिन पूर्व जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने भी एजनीघाट और पाली गांव में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया था. स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. फसल क्षति का आकलन बाढ़ की स्थिति सामान्य होने के बाद कर किसानों को उचित मुआवजा दिया जाएगा.
