फाइलेरिया के नुकसान से अवगत करा के लोगों को खिलाये दवा

फाइलेरिया बीमारी का नाम सुनते ही जेहन में हाथी पांव लिए इंसान का चित्र उभर आता है, जो अगर किसी इंसान को हो जाता है, तो बस इसी रूप में जीने के लिए विवश हो जाता है

फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचने के लिए लक्ष्य के अनुरूप 46 प्रतिशत लोगों ने खाया दवा

जिले में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए चलाया जा रहा है सर्व जन दवा सेवन अभियान

लखीसराय

फाइलेरिया बीमारी का नाम सुनते ही जेहन में हाथी पांव लिए इंसान का चित्र उभर आता है, जो अगर किसी इंसान को हो जाता है, तो बस इसी रूप में जीने के लिए विवश हो जाता है. सिविल-सर्जन डॉ जयप्रकाश सिंह ने बताया की अभी तक जिले में कुल चार लाख 91 हजार 152 ने दवा खाया है, जो लक्ष्य का 46 प्रतिशत है.कहा कि 580 ड्रग टीम को लगाया गया है. टीम के साथ सभी प्रभारी को साफ निर्देश दिया है की लोग जरुर दवा खायें इसके लिए पुरे अभियान चलने तक मॉनिटरिंग करते रहें. एवं जो लोग दवा खाने से इंकार करें, उन्हें फाइलेरिया जैसी बीमारी से होने वाले नुकसान तो बतायें .

जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ राकेश कुमार ने बताया कि फाइलेरिया या हाथी पांव रोग, सार्वजनिक स्वास्थ्य की गंभीर समस्या है. यह रोग मादा क्यूलेस मच्छर के काटने से फैलता है.

याद रखें :

दो साल से कम उम्र के बच्चों को फाइलेरिया की दवा नहीं खिलानी है. गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर रोग से पीड़ित व्यक्तियों को छोड़कर सभी स्वस्थ लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन करना है.

फाइलेरिया रोधी दवा कभी भी खाली पेट नहीं खानी है.

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By Rajeev Murarai Sinha Sinha

Rajeev Murarai Sinha Sinha is a contributor at Prabhat Khabar.

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