बड़हिया, लखीसराय से शशिकांत मिश्रा की रिपोर्ट.
Ganga Dussehra 2026: गंगा दशहरा के अवसर पर बड़हिया स्थित कॉलेज गंगा घाट पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया. मंगलवार सुबह सूर्योदय के साथ ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ गंगा स्नान के लिए उमड़ पड़ी. लोगों ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की. घाट परिसर में सुबह से ही पूजा-अर्चना, आरती और जयकारों की गूंज सुनाई देती रही.
ब्रह्ममुहूर्त से घाट पर पहुंचने लगे श्रद्धालु
गंगा दशहरा को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिला. अहले सुबह से ही लोग निजी वाहनों और अन्य साधनों से कॉलेज गंगा घाट पहुंचने लगे थे. सूर्योदय होते-होते घाट पर स्नान करने वालों की लंबी कतारें लग गयीं.
स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने मां गंगा की विधि-विधान से पूजा की, दीप जलाये और आरती उतारी. कई श्रद्धालु अपने परिवार के साथ पहुंचे और मां गंगा से सुख-शांति की प्रार्थना की.
धूप-दीप और भजन से भक्तिमय हुआ घाट
पूरे घाट परिसर में धार्मिक माहौल बना रहा. धूप, दीप और अगरबत्ती की सुगंध से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा. गंगा घाट पर भक्ति गीतों और मंत्रोच्चार की गूंज सुनाई देती रही.
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवकों द्वारा विशेष व्यवस्था की गयी थी. घाट पर भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा बनाये रखने के लिए निगरानी की जा रही थी.
गंगा दशहरा का है विशेष धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में गंगा दशहरा का विशेष महत्व माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थीं.
कहा जाता है कि राजा भागीरथ ने अपने पूर्वजों के मोक्ष के लिए कठोर तपस्या कर मां गंगा को पृथ्वी पर लाया था. तभी से इस दिन गंगा स्नान और दान-पुण्य की परंपरा चली आ रही है. मान्यता है कि गंगा दशहरा के दिन गंगा स्नान करने और मां गंगा की पूजा करने से पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है.
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