हलसी. प्रखंड मुख्यालय स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में बुधवार को प्राकृतिक खेती को लेकर पांच दिवसीय प्रशिक्षण शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया. प्रशिक्षण में सभी अलग-अलग प्रखंडों के क्षेत्र के विभिन्न गांव के महिला किसानों को प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण के उपरांत बुधवार को सभी प्रशिक्षुओं के बीच प्रमाण पत्र वितरण एक समारोह आयोजित कर किया गया. प्रशिक्षण पाने के उपरांत महिला किसानों में खुशी का माहौल देखा गया. मौके पर वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान सुधीर चंद्र चौधरी ने बताया कि इस प्रशिक्षण में प्राकृतिक खेती की आवश्यकता, लाभ एवं इसके विभिन्न घटकों को तैयार करने की वीडियो एवं उपयोग विषय पर जानकारी के साथ-साथ प्रयोग विधि, सैद्धांतिक विषय की जानकारी दी गयी. इस दौरान उन्हें नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र आग्नेयास्त्र, बीजामृत, घनामृत, जीवामृत तथा दशपर्णी बनाने की जानकारी दिये जाने के साथ ही उसे बनाकर उपयोग करने की जानकारी दी गयी. प्रत्येक दिन कृषि सखियों को पढ़ने के उपरांत प्रैक्टिकल करायी गयी. इस प्रशिक्षण उपरांत किसानों को भी पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिया जायेगा. किसान प्राकृतिक खेती कर लाभ कमा पायेंगे. साथ ही कृषि उत्पादकों की गुणवत्ता बढ़ेगी. इसके साथ ही पर्यावरण एवं जल संरक्षण की गति भी बढ़ेगी तथा उपयोग से मनुष्यों की जीवन काल रोग मुक्त हो पायेगी. इस दौरान कृषि वैज्ञानिक डॉ रेणु कुमारी, डॉ सुनील कुमार सिंह, डॉ निशांत प्रकाश, एवं मास्टर ट्रेनर राजेंद्र महतो उपस्थित रहे.
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