फोटो संख्या 11- कार्यक्रम में उपस्थित विभागीय पदाधिकारी
प्रतिनिधि, सूर्यगढ़ाकृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से शुक्रवार को सूर्यगढ़ा प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित ई-किसान भवन में शारदीय (खरीफ) महाअभियान 2026 के तहत प्रशिक्षण सह कृषि उपादान वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए और कृषि विशेषज्ञों से आधुनिक खेती की तकनीकों की जानकारी प्राप्त की. कार्यक्रम का शुभारंभ अनुमंडल कृषि पदाधिकारी श्रवण कुमार, सहायक निदेशक भूमि संरक्षण लखीसराय अशोक कुमार, कृषि विज्ञान केंद्र हलसी की कृषि वैज्ञानिक डॉ. रेणु कुमारी, डॉ निशांत प्रकाश, डॉ सुनील कुमार, प्रखंड कृषि पदाधिकारी कुंवर विशाल व प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी अखिलेश कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. इस अवसर पर कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को खरीफ फसलों की उन्नत खेती, जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, जैविक खादों के उपयोग व आधुनिक कृषि यंत्रों के महत्व के बारे में विस्तार से बताया.
जैविक व संतुलित पोषण प्रबंधन को अपनाना जरूरी
विशेषज्ञों ने कहा कि लगातार रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति प्रभावित हो रही है, इसलिए जैविक व संतुलित पोषण प्रबंधन को अपनाना समय की आवश्यकता है. कार्यक्रम में ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत भूमि संरक्षण एवं जल संरक्षण के उपायों पर भी चर्चा की गयी. अधिकारियों ने किसानों को केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं, अनुदान कार्यक्रमों तथा फसल उत्पादन बढ़ाने वाली तकनीकों की जानकारी दी. साथ ही पात्र किसानों के बीच कृषि उपादान वितरण को लेकर आवश्यक जानकारी दी गयी. वक्ताओं ने कहा कि वैज्ञानिक सलाह के अनुरूप खेती करने से उत्पादन लागत घटेगी, उपज में वृद्धि होगी और किसानों की आमदनी में सकारात्मक बदलाव आयेगा. कार्यक्रम के अंत में किसानों ने कृषि विशेषज्ञों से अपनी समस्याओं पर चर्चा कर समाधान प्राप्त किया. मौके पर अमरपुर से आए कृषि की आधुनिक तकनीक की जानकारी रखने वाले किसान ओम कुमार सिंह के अलावे कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार एवं काफी संख्या में किसान उपस्थित थे.
