जिले के लाल टमाटर में लगी नजर, ग्राहक के जेब पर पड़ रहा बोझ

जिले के पिपरिया लखीसराय व बड़हिया के लाल टमाटर को नजर लग चुकी है. यही कारण है कि अभी तक टमाटर हरा ही हरा दिखाई दे रहा है

-अभी तक पर्याप्त मात्रा में नहीं उपलब्ध हुआ बाजार में टमाटर

-बाजार में 60 रुपये किलो है प्रति किलो टमाटर

-बड़हिया, पिपरिया एवं लखीसराय के टमाटर का होता दूसरा जिला में निर्यात

-टमाटर के एक पौधा से पांच किलो से अधिक निकलता है टमाटर

-इस बार दूसरी बार बाढ़ एवं देर तक बारिश ने किसानों की तोड़ी कमर

लखीसराय. जिले के पिपरिया लखीसराय व बड़हिया के लाल टमाटर को नजर लग चुकी है. यही कारण है कि अभी तक टमाटर हरा ही हरा दिखाई दे रहा है. पिछले साल के मुकाबले इस साल टमाटर की लालिमा में कमी आयी है एवं लोगों के जेब पर भारी पड़ रहा है. बाजार में 60 प्रति किलो टमाटर बिक रहा है. इस मौसम में यहां के लोग टमाटर दो एवं पांच किलो खरीद कर लाते थे, लेकिन महंगा होने के कारण आधा किलो एक किलो भी टमाटर खरीदना लोगों के लिए भारी पड़ रहा है. किसानों का कहना है कि टमाटर इस मौसम में पांच रुपये प्रति किलो बिक्री होती थी. माघ के महीने आते-आते टमाटर खेत से निकलने के लिए टमाटर बिक्री से किसानों को मजदूरी नहीं जुटते थे. टमाटर के एक पौधे से एक बार पांच किलो टमाटर निकलता था. अभी टमाटर की खेती में लालिमा को छोड़ सिर्फ हरा हरा ही दिखाई दे रहा है.

आपदा की मार किसान झेल रहे अभी तक,आमजनों को टमाटर खरीदना पड़ रहा महंगा

इस बार सावन एवं आश्विन माह में दो-दो बार बाढ़ की आपदा किसानों को झेलनी पड़ी. दो बार बाढ़ आने के कारण कई सब्जियों के फसल का पौधा गल चुका. किसानों को दोबारा बीज बोकर पौधा लगाना पड़ा. वहीं दुर्गा पूजा के बाद भी लगातार बारिस होने के कारण सब्जी के फसल का पौधा नष्ट हो चुका है. कम सब्जियों की फसल होने के कारण बाजार में हरी सब्जियां महंगे दर पर बिक रहा है. किसानों को आर्थिक समस्या भी झेलनी पड़ रही है.

पिपरिया, लखीसराय एवं बड़हिया प्रखंड में टमाटर की होती है खेती

जिले के पिपरिया के मोहनपुर, रामचंद्रपुर, वलीपुर के अलावा सदर प्रखंड के रेहुआ साबिकपुर एवं बड़हिया प्रखंड के जैतपुर, प्रतापपुर में मूल रूप से टमाटर की खेती होती है. सदर प्रखंड के साबिकपूर गांव से एक साथ तीन चार पिकअप वाहन से टमाटर का निर्यात उत्तरी बिहार भेजा जाता था. इस बार लखीसराय बाजार में भी यहां का टमाटर उपलब्ध होना मुश्किल हो गया है. साबिकपुर के किसान विजय शंकर सिंह व विकाश कुमार का कहना है कि टमाटर का फसल इस बार काम हुआ है. एक माह के बाद टमाटर का फसल तैयार होगा इसके बाद इसकी मार्केटिंग शुरू की जायेगी.

बोले अधिकारी

जिला कृषि पदाधिकारी कुंदन कुमार का कहना है कि इस बार बाढ़ व लगातार बारिश होने के कारण सब्जियों का फसल नष्ट हुआ है. किसानों को घटा लगा है किसानों को सब्जी की खेती के बदले आकस्मिक फसल का बीज दिया गया है.

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