मानसिंह पइन एवं चितरंजन रोड स्थित नाला पर अतिक्रमण के कारण शहर में जलजमाव की होती है स्थिति

मनसिंघा पइन अतिक्रमण के अलावा शहर के चितरंजन रोड के किनारे नाला पर अतिक्रमण किया हुआ है.

-नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अतिक्रमण हटाने को लेकर कई बार लिख चुके हैं सीओ को पत्र

-जिला प्रशासन भी अतिक्रमण को लेकर तनिक भी नहीं है संवेदनशील

-शहर के लिए अतिक्रमण बना है नासूर, अतिक्रमण हटाने को लेकर कई बार हो चुका है बैठक

लखीसराय. मनसिंघा पइन अतिक्रमण का शिकार बना हुआ है, मनसिंघा पइन अतिक्रमण के अलावा शहर के चितरंजन रोड के किनारे नाला पर अतिक्रमण किया हुआ है. बाजार समिति से दालपट्टी मुख्य सड़क के किनारे किनारे नाला पर स्थायी एवं अस्थायी दुकानदार द्वारा दुकान निर्माण कर लिया गया है. जिससे कि वर्षा होते शहर के मुहल्ले में जलजमाव की स्थिति बन जाती है. हाल के दिनों में नाला में कचरा भरा होने के कारण सदर अस्पताल में जलजमाव की स्थिति बनी हुई थी. तीन दिनों तक जलजमाव की स्थिति बनी रही. जिसका मुख्य कारण यह था कि चैती दुर्गा स्थान के समीप स्थायी एवं अस्थायी रूप से नाला पर ही निर्माण कर लिया गया है. जिससे कि नाला की साफ-सफाई नहीं हो पायी थी. बुधवार को नगर परिषद के ईओ अमित कुमार पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में नाला का साफ-सफाई कराया गया. जिसके बाद सदर अस्पताल परिसर के जमा जल की निकासी हो पाया. नया बाजार के मनसिंघा पईन पर वार्ड नंबर 30, 24, 21, 22, 17, 18 समेत अन्य वार्डों में पइन की सफाई नहीं होने के कारण इन वार्डो में हल्की बारिश होने से जलजमाव की ऐसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है कि लोगों को घर से निकलना भी मुश्किल हो जाता है. इस तरह के अतिक्रमण को हटाने में जिला प्रशासन के अधिकारी भी अक्षम साबित हो रहे हैं. जिसका परिणाम मुहल्ले के लोगों को मिल रहा है.

चितरंजन रोड के कॉलेज से लेकर प्रभात चौक तक नाला पर अतिक्रमण

अतिक्रमण मानो लखीसराय शहर की नियति बन गयी है चितरंजन रोड के कॉलेज के आगे से लेकर प्रभात चौक तक नाला पर ही छोटे छोटे दुकान का निर्माण कर लिया गया है. जिससे कि नाला की साफ सफाई नहीं हो पाती है. जिससे कि वार्ड नंबर 10, 11 एवं 12 के मुहल्ले में नाला का पानी मुहल्ले की सड़क पर आ जाता है. लोग नाला के पानी में प्रवेश कर अपने घर से आवाजाही करने के लिए मजबूर हो जाते हैं. पूर्व वार्ड पार्षद प्रतिनिधि अरुण ठाकुर ने नाला पर स्थायी एवं अस्थायी रूप अतिक्रमण हटाने को लेकर नगर परिषद कार्यालय को पत्र भी लिखा गया. जिसके आलोक में नगर परिषद ने सदर अंचल के सीओ को भी अतिक्रमण हटाने को लेकर संवाद स्थापित किया, लेकिन इस बाबत सीओ के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गयी. अतिक्रमण हटाने के लिए सीओ एवं एसडीओ की जिम्मेवारी होती है, लेकिन अतिक्रमण हटाने के लिए बैठक की जाती है, लेकिन धरातल पर उतर नहीं पाता है.

बोले अधिकारी

एसडीओ प्रभाकर कुमार ने बताया कि नगर परिषद चुनाव के बाद मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम चलाया गया. जिसके बाद इलेक्शन को लेकर जिला प्रशासन उसकी व्यवस्था में व्यस्त होगा. चुनाव के बाद अतिक्रमण को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की जायेगी.

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